Sunday, 25 February 2007

सबसे सेक्सी...एंजेलीना जोली, और कौन..?

अगर आपसे सवाल पूछा जाए कि इतिहास की सबसे ज़्यादा सेक्सी शख़्सियत आप किसे मानते हैं तो आपके मन में कई नाम उमड़-घुमड़ सकते हैं.

पर अगर रैंकिंग की बात करें तो यह ख़िताब मिला है हॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री एंजेलीना जोली को. सबसे सेक्सी लोगों की सूची में भारतीय अभिनेत्री ऐश्वर्या राय 56वें स्थान पर रहीं.

चैनेल-4 पर दिखाए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार ऑस्कर पुरस्कार जीत चुकी अभिनेत्री एंजेलीना जोली ने पहले नंबर के लिए अपने जोड़ीदार ब्रैड पिट और हुस्न की मलिका कही जाने वाली मर्लिन मुनरो को भी पीछे छोड़ दिया है.

आधुनिक अमरीकी पॉप के जनक माने जाने वाले गायक एल्विस प्रेसली को इस क्रम में दूसरा और एंजेलीना के जोड़ीदार ब्रैड पिट को तीसरा स्थान हासिल हुआ है.

मूनरो और पॉप गायिका बेयॉन्सी नॉलेस शीर्ष पाँच लोगों में शामिल हैं. जॉर्ज क्लूनी को सातवाँ और पॉप गायिका काइली मिनोग को आठवाँ स्थान हासिल हुआ है.

क्लूनी को इससे पहले पिछले वर्ष एक अमरीकी पत्रिका की ओर से करवाए गए सर्वेक्षण में सबसे सेक्सी व्यक्ति का ख़िताब मिल चुका है.

पाइरेट्स ऑफ़ कैरेबियन के स्टार जॉनी डेप को नौवाँ स्थान मिला है और दसवें नंबर पर हैं स्कारलेट योहान्सन. यह सर्वेक्षण एक इंटरनेट पोल के ज़रिए करवाया गया.

जोली का जलवा

शीर्ष 10 लोगों में से छठा स्थान मिला है वीडियो गेम की दुनिया के एक फ़िक्शन चरित्र लारा क्रॉफ्ट को. बड़े पर्दे पर इस चरित्र की भूमिका भी एंजेलीना जोली ने ही निभाई है.

42 वर्षीय पिट और 31 वर्षीय जोली वर्ष 2005 में फ़िल्म 'मिस्टर ऐंड मिसेज़ स्मिथ' में काम करते समय एक दूसरे के क़रीब आए थे.

इसके बाद पिट ने अपनी पत्नी जेनिफ़र एनिस्टन से तलाक़ लेने की घोषणा की थी और फिर जोली और पिट एक दूसरे के साथ हो गए.

पिछले दिनों जोली और पिट अपने गोद लिए बच्चों के साथ भारत भी आए और कभी शूटिंग तो कभी अपने अंगरक्षकों के व्यवहार को लेकर चर्चा और विवादों में रहे.

एंजेलीना जोली भारत में अपनी एक आने वाली फ़िल्म 'द माइटी हार्ट' की शूटिंग के सिलसिले में आई थीं. यह फ़िल्म अमरीकी पत्रकार डेनियल पर्ल के जीवन पर आधारित है.

जोली फ़िल्म में एक दिवंगत पत्रकार की पत्नी की भूमिका निभा रही हैं. ग़ौरतलब है कि पत्रकार डेनियल पर्ल का पाकिस्तानी शहर कराची में अपहरण हो गया था जिसके कुछ समय बाद उनकी हत्या कर दी गई थी.

Thursday, 22 February 2007

विंबलडन में महिलाओं को बराबरी का दर्जा

विंबल्डन टेनिस के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब महिला खिलाड़ियों को भी पुरुषों की पुरस्कार राशि के बराबर ईनाम दिया जाएगा.

खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों की ओर से इस बात को लेकर आलोचना की जाती रही है कि महिला खिलाड़ियों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है.

इन्हीं आलोचनाओं के बाद अब ऑल ईंग्लैंड क्लब यह घोषणा की है.

इस घोषणा के बाद अब शीर्ष विजेताओं से लेकर पहले राउंड से ही बाहर होने वाले खिलाड़ियों तक के स्तर पर महिलाओं और पुरुषों के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और उन्हें समान राशि दी जाएगी.

विंबल्डन के अलावा अन्य ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में पहले से ही पुरुष और महिला खिलाड़ियों को समान पुरस्कार राशि दी जाती है.

हालांकि फ्रेंच ओपन में केवल ख़िताब के विजेताओं को ही समान राशि दी जाती है.

वर्ष 2006 के विंबल्डन विजेता रॉजर फ़ेडरर को छह लाख 55 हज़ार पाउंड की राशि दी गई थी जबकि महिला एकल का ख़िताब जीतने वाली एमिली मोरेस्मो को छह लाख 25 हज़ार पाउंड की राशि दी गई थी.

एक सराहनीय निर्णय

ऑल ईंगलैंड क्लब के प्रमुख टिम फिलिप्स ने इसकी घोषणा करते हुए कहा, "चैंम्पियनशिप समिति ने यह तय किया है कि यह इस मुद्दे को एक तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचाने और सभी भेदभाव मिटाने का उचित समय है."

तीन बार की विंबल्डन विजेता वीनस विलियम्स ने इस निर्णय पर खुशी जताते हुए कहा, "दुनिया की महानतम टेनिस प्रतियोगिता आज और भी अधिक महानता की ऊँचाई पर पहुँच गई है."

एक अन्य भूतपूर्व चैंम्पियन मारिया शारापोवा ने कहा, "विश्व टेनिस में विंबल्डन हमेशा से कई मामलों में अग्रणी रहा है. इस निर्णय के बाद से दुनिया की महान खेल प्रतिस्पर्धाओं में से एक विंबल्डन और महिला खिलाड़ियों के बीच का रिश्ता और मजबूत ही होगा."

पिछले वर्ष प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री टेसा जोवेल ब्रिटिश टेनिस की शासकीय संस्था लॉन टेनिस एसोसिएशन में शामिल हुए थे.

इस असमानता को खत्म करने का आह्वान करने के लिए उन्होंने दुनिया भर में महिलाओं की खेल प्रतिस्पर्धा कराने वाली संस्था वीमेन्स टेनिस एसोसिएशन की भी सदस्यता ग्रहण की थी.

Wednesday, 14 February 2007

क्रिसलर नौकरियों में कटौती करेगी

विश्व की अग्रणी कार कंपनी डायमलर क्रिसलर ने कहा है कि नुक़सान में चल रही उसकी अमरीकी ईकाई में तेरह हज़ार कर्मचारियों की छँटनी की जाएगी जिनमें से नौ हज़ार अमरीका में और चार हज़ार कर्मचारियों की छँटनी कनाडा में की जाएगी.

जर्मन-अमरीकी समूह डायमलर क्रिसलर ने एक फ़ैक्ट्री बंद करने का भी फ़ैसला किया है. क्रिसलर में कुल 83 हज़ार लोग काम करते हैं.

अमरीका में डायमलर क्रिसलर कंपनी की बिक्री साल 2006 में सात फ़ीसदी गिर गई थी. कंपनी को वर्ष 2006 में 16 करोड़ बीस लाख डॉलर का नुक़सान हुआ था.

फ़ोर्ड और जनरल मोटर्स (जीएम) जैसी अन्य बड़ी अमरीकी कंपनियों की तरह क्रिसलर को भी जापानी कार कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है.

क्रिसलर ने नीवार्क में अपनी फ़ैक्ट्री बंद करने का फ़ैसला किया है. यहाँ कंपनी का क्रिसलर ऐसपेन मॉडल बनता है और क़रीब 2100 लोग काम करते हैं.

ख़र्च कम करने के लिए फ़ोर्ड और जनरल मोटर्स भी अमरीका में हज़ारों कर्मचारियों की छँटनी कर रहीं हैं.

कार कंपनी फ़ोर्ड ने साल 2006 में उत्तरी अमरीका में 25 से 30 हज़ार कर्मचारियों की छँटनी की घोषणा की थी. फ़ोर्ड को वर्ष 2006 में 12.7 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ था जो कंपनी के 103 साल के इतिहास में सबसे बड़ा नुक़सान है.

Wednesday, 7 February 2007

भारत में रिकॉर्ड विकास दर की उम्मीद

भारत सरकार ने उम्मीद जताई है कि निर्माण और सेवा क्षेत्र में बेहतरीन प्रगति की बदौलत चालू वित्त वर्ष के दौरान आर्थिक विकास दर नौ फ़ीसदी से भी ज़्यादा रहेगी.

केंद्र सरकार के आकलन के मुताबिक पिछले 18 साल के इतिहास में पहली बार विकास दर 9.2 प्रतिशत रहने की संभावना है.

यह रिज़र्व बैंक के अनुमान से भी अधिक है. रिज़र्व बैंक ने सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की विकास दर साढ़े आठ से नौ फ़ीसदी के बीच रहने की संभावना जताई थी.

केंद्र सरकार ने पिछले वित्त वर्ष के आँकड़ों में भी संशोधन किया है जिसके मुताबिक वर्ष 2005-06 के दौरान जीडपी दर नौ फ़ीसदी आँकी गई है. पहले यह आँकड़ा 8.4 प्रतिशत था.

भारत में वित्त वर्ष अप्रैल से मार्च के बीच होता है.

भारत के सबसे बड़े शेयर बाज़ार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंच का सूचकांक सेंसेक्स भी सोमवार को 14 हज़ार 570 अंकों की नई ऊँचाई को छू गया.

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के वरिष्ठ अर्थशास्त्री डीके जोशी इन आँकड़ों पर कहते हैं, "इससे पता चलता है कि इस बार विकास दर ज़्यादा स्थायी है. साथ ही निवेश दर भी काफी अधिक है और निर्यात भी बढ़ रहा है."

कृषि

केंद्रीय सांख्यिकी संगठन यानी सीएसओ के एक साल पहले के 9.1 फ़ीसदी के मुकाबले इस वर्ष मैनुफैक्चरिंग विकास दर 11.3 फ़ीसदी रहने की संभावना जताई गई है.

सेवा क्षेत्र में 11.2 प्रतिशत तेज़ी आने की उम्मीद है. भारत की जीडीपी में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है.

हालाँकि कृषि क्षेत्र में सुस्त विकास दर्ज होने की संभावना जताई गई है जबकि इसी क्षेत्र में देश के 60 फ़ीसदी लोगों को रोज़गार मिला हुआ है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस बात पर ज़ोर दे चुके हैं कि अगर भारत को आगे निकलना है तो कृषि विकास दर को बढ़ा कर चार फ़ीसदी करना होगा.

वॉलमार्ट पर लिंगभेद का बड़ा मामला

अमरीका की बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट को लिंगभेद के लिए अपनी 15 लाख महिला कर्मचारियों को अरबों डॉलर के मुआवज़े का भुगतान करना पड़ सकता है.

वॉलमार्ट में काम करने वाली सात महिलाओं ने आरोप लगाया था कि वेतन देने से लेकर पदोन्नति तक सभी मामले में उनके साथ महिला होने के कारण भेदभाव किया जाता है.

अमरीका की एक केंद्रीय अदालत ने इस पर फ़ैसला देते हुए इस मामलो को कंपनी में काम करने वाली सभी महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के रुप में देखते हुए मुक़दमा चलाने का आदेश दिया है.

यह अमरीकी इतिहास में लिंगभेद का अब तक का सबसे बड़ा मामला है. और यह मामला झेल रही है अमरीका की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी, जो देश में सबसे ज़्यादा कर्मचारियों वाली कंपनी है.

कंपनी ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि उसकी नीतियाँ भेदभाव करने वाली नहीं हैं.

वॉलमार्ट का कहना है कि वह इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में भी अपील करेगा.

मामला

लिंगभेद की शिकायत की थी वॉलमार्ट की सात महिलाओं ने. उनका आरोप था कि वेतन से लेकर पदोन्नति तक सभी मामले में उनके साथ इसलिए भेदभाव किया गया क्योंकि वे महिला थीं.

शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि वॉलमार्ट महिला कर्मचारियों को पुरुष कर्मचारियों की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत कम वेतन देता है. उन्होंने कहा था कि पदोन्नति में भी इसी तरह का भेदभाव किया जाता है.

उल्लेखनीय है कि वॉलमार्ट में दो तिहाई कर्मचारी महिलाएँ हैं.

सैनफ़्रांसिस्को की एक अदालत ने इस मामले पर फ़ैसला दिया था कि इसे एक ‘सामूहिक मामले’ की तरह देखा जा सकता है और कंपनी की सभी वर्तमान और पूर्व महिलाओं के साथ भेदभाव करने के लिए मुक़दमा चलाया जा सकता है.

इसके बाद कंपनी की 15 लाख वर्तमान और पू्र्व महिला कर्मचारियों के लिए यह रास्ता खुल गया था कि यदि वे चाहें तो इस मुक़दमे में शामिल हो सकती हैं.

न्यायाधीश मार्टिन जेनकिंस ने कहा है कि इस बात के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं कि 1998 के पहले की जो नीतियाँ थीं उसके तहत महिला कर्मचारियों के साथ भेदभाव होता था.

हालांकि इस फ़ैसले से न्यायाधीश एंड्र्यू क्लेनफ़ील्ड सहमत नहीं थे और उन्होंने कहा था कि भेदभाव सिर्फ़ पदोन्नति में दिखता है क्योंकि मैनेजरों में सिर्फ़ 15 प्रतिशत महिलाएँ हैं.

यदि वॉलमार्ट यह मुक़दमा हार जाए तो उसे वर्तमान और पूर्व महिला कर्मचारियों को अरबों डॉलर का मुआवज़ा देना पड़ सकता है.

वॉलमार्ट की अपील

इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ वॉलमार्ट ने अपील की थी.

लेकिन केंद्रीय अदालत ने निचली अदालत के 2004 के फ़ैसले को बरकरार रखते हुए इसे सामूहिक मामला ही मानकर मुक़दमा चलाने को कहा है.

वॉलमार्ट का कहना है कि अमरीका में उसके 3,400 स्टोर्स हैं और यह किसी के लिए संभव नहीं होगा कि सभी स्टोर्स में जाकर महिलाओं के साथ भेदभाव की जाँच कर सके.

कंपनी का कहना था कि इस सामूहिक मामला नहीं मानना चाहिए और जिस स्टोर में भी महिलाओं को शिकायत हो उन्हें अलग-अलग मुक़दमा दायर करना चाहिए.

महिलाओं का मुक़दमा लड़ रहे वकील ब्रैड सेलिगमैन ने कहा है कि उनके आरोपों की दो अदालतों ने पुष्टि कर दी है.

उन्होंने कहा, “वॉलमार्ट अपील करता रहे, हमें पूरा भरोसा है कि हम जीतेंगे. आख़िर दो अदालतों ने हमारे सबूतों को माना है.”

हालांकि यह पहला अवसर नहीं है जब वॉलमार्ट को अदालत में मुआवज़े के लिए लड़ना पड़ रहा है.

इससे पहले पिछले साल ही कंपनी को उन कर्मचारियों को 7 करोड़ 80 लाख डॉलर का मुआवज़ा देने के निर्देश दिए थे, जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान बिना ‘ब्रेक’ लिए काम किया था.

Tuesday, 6 February 2007

नूई बनीं अब पेप्सीको की अध्यक्ष

शीतल पेय बनाने वाली अग्रणी कंपनी पेप्सीको ने चंद महीनों के भीतर ही भारतीय मूल की इंदिरा नूई को सीईओ से अध्यक्ष बनाने का फ़ैसला किया है.

चेन्नई में जन्मी इंदिरा नूई पिछले साल अक्तूबर में ही पेप्सीको में वित्तीय सलाहकार से सीईओ बनीं थीं.

इसके बाद ओप्रा विनफ़्रे और मेग व्हाइटमैन जैसी हस्तियों को पीछे छोड़ कर इंदिरा नूई फॉर्च्यून की सशक्त महिलाओं की फेहरिस्त में चोटी पर पहुँच गई थीं.

पेप्सीको के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने कहा है कि उन्होंने अपनी सीईओ इंदिरा नूई को अध्यक्ष पद पर चुन लिया है. इंदिरा नूई इस साल मई में अपना कार्यभार संभालेंगी जब वर्तमान कार्यकारी अध्यत्र स्टीवन रीनमंड सेवानिवृत्त हो जाएँगे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस फ़ैसले के बाद इंदिरा नूई ने कहा, "बोर्ड ने जो मुझ पर जो विश्वास दिखाया है, उसने मेरा मान बढ़ाया है."

उन्होंने कहा कि स्टीवन रीनमंड और इससे पहले के अध्यक्षों के पदचिन्हों पर चलने का अवसर पाते हुए वे अपने आपको बेहद भाग्यशाली मानती हैं.

पेप्सीको के 42 वर्षों के इतिहास में इंदिरा नूई पाँचवी अध्यक्ष और सीईओ हैं.

उपलब्धि

सीएनएन टाइम वार्नर समूह की पत्रिका फॉर्च्यून ने पिछले साल जब दुनिया की 50 सबसे सशक्त महिलाओं की नौवीं सालाना सूची तैयार की है तो उसमें नूई शीर्ष पर थीं.

पेप्सीको में सीईओ की नई जिम्मेदारी संभालने के एक हफ़्ते बाद ही यह सूची आई थी.

इससे पहले भारत के बिजनेस अख़बार इकॉनॉमिक टाइम्स ने भी कारोबारी दक्षता के लिए उन्हें सम्मानित किया था.

51 साल की नूई ने 1994 में पेप्सीको कंपनी में काम करना शुरु किया था.

कंपनी के पुनर्निर्माण और नई भागीदारियों के फ़ैसलों में नूई की अहम भूमिका थी.