Sunday, 16 December 2007

GKQ - National Research Institute in Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश में प्रमुख राष्ट्रीय शोध संस्‍थान
  • सेन्‍ट्रल ड्रग रिसर्च इंस्‍टीट्यूट, लखनऊ /Central Drug Research Institute, Lucknow
  • नेशनल बोटनी रिसर्च इंस्‍टीट्यूट, लखनऊ/ National Botanical Research Institute, Lucknow
  • सेन्ट्रल इंस्‍टीट्यूट ऑफ मे‍डीसिन एण्‍ड एरो‍मेटिक प्लाण्‍ट्स, लखनऊ / Central Institute of Medicinal and Aromatic Plants, Lucknow
  • इण्डिस्ट्रियल टोक्‍सीकोलॉली रिसर्च सेन्‍टर, लखनऊ / Industrial Toxicology Research Center, , Lucknow

Wednesday, 12 December 2007

General Knowledge Quiz - Old Hindi Literature

  • कबीर दास- साखी, सबद रमैनी
  • संत रैदास- बानी नाम से फुटकर छन्दो की रचना
  • सूरदास- सूरसागर, सूर-सारावली साहित्य लहरी
  • गोस्वामी तुलसी दास- रामचरितमानस, विनय पत्रिका, गीतावली, दोहावली कवित्त रामायण, राम लला नहछू, कवितावली जनकी मंडल आदि।
  • महाकवि भूषण - शिवराज भूषण, शिवाबावनी छत्रसाल आदि।

Tuesday, 11 December 2007

लालकृष्ण आडवाणीः एक संक्षिप्त परिचय

आठ नवंबर, 1927 को वर्तमान पाकिस्तान के कराची में लालकृष्ण आडवाणी का जन्म हुआ था. पिता का नाम था केडी आडवाणी और माँ का नाम ज्ञानी आडवाणी था.

विभाजन के बाद भारत गए आडवाणी ने 25 फ़रवरी, 1965 को कमला आडवाणी को अपने पारिवारिक जीवन का हमसफ़र बनाया. आडवाणी के दो बच्चे हैं.

लालकृष्ण आडवाणी की शुरुआती शिक्षा तो लाहौर में ही हुई पर बाद में भारत आकर उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से लॉ में स्नातक किया.

राजनीतिक जीवन

वर्ष 1951 में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की. तब से लेकर 1957 तक आडवाणी पार्टी के सचिव रहे.


लालकृष्ण आडवाणी
वाजपेयी के विकल्प के तौर पर आडवाणी के नाम को सामने लाया गया है

वर्ष 1973 से 1977 तक आडवाणी ने भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष का दायित्व संभाला.

वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के बाद से 1986 तक लालकृष्ण आडवाणी पार्टी के महासचिव रहे. इसके बाद 1986 से 1991 तक पार्टी के अध्यक्ष पद का ज़िम्मा भी उन्होंने संभाला.

इसी दौरान वर्ष 1990 में राममंदिर आंदोलन के दौरान उन्होंने सोमनाथ से अयोध्या के लिए रथयात्रा निकाली. हालांकि आडवाणी को बीच में ही गिरफ़्तार कर लिया गया पर इस यात्रा के बाद आडवाणी का राजनीतिक कद और बड़ा हो गया.

1990 की रथयात्रा ने लालकृष्ण आडवाणी की लोकप्रियता को चरम पर पहुँचा दिया था. वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद जिन लोगों को अभियुक्त बनाया गया है उनमें आडवाणी का नाम भी शामिल है.

लालकृष्ण आडवाणी तीन बार भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद पर रह चुके हैं.

सत्ता के गलियारों में

आडवाणी चार बार राज्यसभा के और पांच बार लोकसभा के सदस्य रहे. वर्तमान में भी वो गुजरात के गांधीनगर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के सांसद हैं.


लालकृष्ण आडवाणी
आडवाणी किताबों, संगीत और सिनेमा में ख़ासी रुचि रखते हैं

वर्ष 1977 से 1979 तक पहली बार केंद्रीय सरकार में कैबिनेट मंत्री की हैसियत से लालकृष्ण आडवाणी ने दायित्व संभाला. आडवाणी इस दौरान सूचना प्रसारण मंत्री रहे.

आडवाणी ने अभी तक के राजनीतिक जीवन में सत्ता का जो सर्वोच्च पद संभाला है वह है एनडीए शासनकाल के दौरान उपप्रधानमंत्री का.

लालकृष्ण आडवाणी वर्ष 1999 में एनडीए की सरकार बनने के बाद अटलबिहारी वाजपेयी के नेत़ृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री बने और फिर इसी सरकार में उन्हें 29 जून, 2002 को उपप्रधानमंत्री पद का दायित्व भी सौंपा गया.

भारतीय संसद में एक अच्छे सांसद के रूप में आडवाणी अपनी भूमिका के लिए कभी सराहे गए तो कभी पुरस्कृत भी किए गए.

Monday, 10 December 2007

General Knowledge Quiz - Uttar Pradesh

  • भारत का सबसे अधिक जनसंख्‍या वाला राज्य उत्‍तर प्रदेश है, इसकी राजधानी लखनऊ है।
  • इस राज्‍य को पहले संयुक्त प्रान्त (United Provinces) कहा जाता था।
  • राज्य का कुल क्षेत्रफल 240,928 वर्ग किमी है।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से यह राजस्‍थान, महाराष्‍ट्र, मध्‍य प्रदेश, आंध्र प्रदेश के बाद पाँचवा सबसे बड़ा राज्य है।
  • इस राज्य की कुल जनसंख्‍या 2001 की जनगणना के अनुसार करोड़, 60 लाख, 52 हजार 856 है।
  • इसकी जनसंख्‍या देश की कुल जनसंख्‍या का 16.17% है।
  • साक्षरता 57.36% है। जिसमे पुरूषो की 70.23% तथा महिलाओ की 42.98% है।
  • इलाहाबाद सबसे अधिक जनसंख्‍या वाला जिला है तो महोबा सबसे कम।
  • वाराणसी और ललितपुर क्रमश: सबसे ज्‍यादा व कम जनसंख्‍या धनत्व वाले जिले है।

Thursday, 6 December 2007

General Knowledge Quiz - Award

  • दादा साहेब फाल्के पुरस्कार 1970 से दिये जा रहे है।
  • मरणोपरांत दादा साहेब फाल्के पुरस्‍कार केवल पृथ्वीराज कपूर को दिया गया था।
  • जी शंकर कुरूप सर्व प्रथम ज्ञानपीठ पुरसकार विजेता है।
  • देविका रानी सर्वप्रथम दादा साहेब फाल्के पुरस्कार विजेता है।
  • पहली भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्‍कार आशापूर्ण देवी है
  • मैग्सेसे पुरस्‍कार से सम्‍मानित प्रथम भारतीय आचार्य विनोबा भावे है।

Monday, 3 December 2007

General Knowledge Quiz - Historic Culture

  • गुप् कालीन हिन्दू धर्म के दो प्रमुख देवता - शिव एवं विष्णु
  • खुजराहो के मंदिर का निर्माण चंदेलो ने करवाया था।
  • एलोरा को प्रसिद्ध कैलाश मन्दिर का निर्माण राष्ट्रकूट नरेश विक्रमादित्य ने करवाया था।
  • महात्मा बुद्ध की मूर्ति स्लेटी पत्थर से गंधार शैली से करवाया गया।
  • खुजराहो मंदिर, ताजमहल, फतेहपुर सिकरी आदि इमारतों के संगरक्षण एवं पुनरूद्धार का कार्य लार्ड कर्जन ने किया।
  • एलोरा की गुफा संख्या 21 रामेश्वर को सबसे पहले खोजा गया था।

Monday, 26 November 2007

General Knowledge Quiz - UNO

  1. संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई थी।
  2. अरबी, चीनी, अंग्रेजी, फांसीसी, रूसी और स्‍पेनिश संयुक्त राष्‍ट्र संघ की अधिकारिक भाषा है।
  3. अन्‍तर्राष्ट्रीय न्‍यायालय हेग, नीदरलैंड में स्थित है।
  4. फ्रेकलिन रूजवेल्ट के सुझाव पर सयुक्त राष्ट्र संघ का नामकरण हुआ।
  5. इस समय बान की मून इसके महासचिव है।
  6. संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1992 को अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष वर्ष घोषित किया।
  7. संयुक्त राष्ट्र मे विश्व के लगभग सारे अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त 192 देश है।
  8. सबसे नया सदस्य देश है मॉंटेनीग्रो, जिसको 28 जून, 2006 को सदस्य बनाया गया ।
  9. संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में स्थापित है ।
  10. भारत इसके संस्‍थापक सदस्‍यो में एक है।

Saturday, 24 November 2007

General Knowledge Quiz - India

  1. नवम्‍बर, 2000 मे छत्‍तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड राज्‍य बने थे।
  2. नये राज्‍यो के गठन के बाद देश का सबसे अधिक श्रेत्रफल वाला राज्‍य राजस्थान हो गया।
  3. 27वें ओलम्पिक में भारत ने एक मात्र कास्‍य पदक भारोत्तोलन में प्राप्‍त किया।
  4. मुडिया जनजति भारत के मध्‍यप्रदेश राज्‍य में मूल रूप से रहती है।
  5. जनजाति खासी-नायर में मातृसत्तात्‍मक परिवार पाया जाता है।
  6. भारत की सबसे अधिक जनसंख्‍या वाली जनजाति संथाल है।
  7. भारतीय भाषाओं के साहित्‍यकारों को रचनात्मक लेखन के लिये प्रोत्साहन करने के लिये भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्‍कार दिया जाता है।
  8. सिक्‍खों के गुरू रामदास ने अमृतसर शहर की स्‍थापना की।
  9. भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्‍कार की शुरूवात 1965 में हुई।
  10. भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्‍कार के प्रथम विजेता बांग्ला साहित्‍यकार थे।

Thursday, 9 August 2007

दुनिया का सबसे लंबा आदमी

यूक्रेन के नागरिक लियोनिड स्टैडनिक को गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स ने दुनिया का सबसे लंबा आदमी घोषित किया है.

37 वर्षीय स्टैडनिक का कद आठ फुट पांच इंच है.

इससे पहले सबसे लंबे आदमी का रिकार्ड चीन के बाओ सिसुन के नाम था जिनका कद सात फीट नौ इंच है. सिसुन पिछले साल ही ट्यूनिशिया के चारबिब से 2 मिमी लंबे होकर यह रिकार्ड बनाने में सफल हुए थे.

लेकिन स्टैडनिक का कद सिसुन से आठ इंच अधिक है जिसे पार करना सिसुन के लिए जल्दी संभव नहीं लगता है.

स्टैडनिक को पहले भी दुनिया का सबसे लंबा आदमी घोषित किया जाता रहा है लेकिन स्टैडनिक ने इससे पहले कभी भी गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स के अधिकारियों को अपना कद मापने की अनुमति नहीं दी थी.

उनके माता पिता का कद सामान्य ही है. उनके पिता का कद जहां पांच फुट आठ इंच है वहीं मां पांच फुट की हैं. स्टैडनिक भी अपनी किशोरावस्था में बिल्कुल सामान्य कद के थे.

पेशे से जानवरों के डॉक्टर स्टैडनिक की लंबाई मस्तिष्क के एक आपरेशन के बाद बढ़नी शुरु हुई. उनके मस्तिष्क में उस चीज़ को निकाला गया है जिसके कारण मस्तिष्क में द्रव भर जाता है और माथा फूल जाता है.

इसके बाद उनका कद बढ़ने लगा और कुछ दिनों के बाद जब वो डॉक्टर बने तब तक उनकी लंबाई छह फुट आठ इंच हो चुकी थी.

बाद में उन्होंने बस में चढ़ना छोड़ दिया लेकिन मोटरसाइकिल चलाने में भी वो असमर्थ रहे. अंत में वो बग्घी से कार्यालय जाया करते थे.

लंबे कद के साथ छह साल काम करने के बाद उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी क्योंकि उनके पैर ठंड के कारण सूज गए थे.

स्टैडनिक के पैरों का जूता मिलना मुश्किल था इसलिए वो बिना चप्पल जूते के ही चला करते थे.

इस समय स्टैडनिक अपनी मां के फार्म में सब्जी उगाने का काम करते हैं.

अगर स्टैडनिक को इतिहास का सबसे लंबा आदमी बनना है तो इसके लिए उन्हें छह इंच और लंबा होना होगा.

अमरीका के राबर्ट वाडलो की जब मौत हुई थी तो उनकी लंबाई आठ फुट 11 इंच मापी गई थी.

Saturday, 21 July 2007

राजनीतिक इतिहास रचने की प्रतिभा

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और वामपंथी मोर्चे की ओर से मैदान में उतरी प्रतिभा पाटिल भारत की पहली महिला राष्ट्रपति चुनी गई हैं.

इससे पहले प्रतिभा पाटिल नवंबर, 2004 से राजस्थान की राज्यपाल थीं लेकिन राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनने के बाद उन्होंने ये पद छोड़ दिया था.

वे राजस्थान का राज्यपाल बनने वाली पहली महिला हैं.

महाराष्ट्र की राजनीति से लंबे समय तक जुड़ी रहीं 72 वर्षीया प्रतिभा पाटिल पहली बार 1962 में महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनी गईं थीं.

उन्होंने अपना पेशेवर जीवन वकील के तौर पर शुरू किया और लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी रहीं हैं.

महाराष्ट्र में सहकारिता आंदोलन को आगे बढ़ाने में भी प्रतिभा पाटिल की बड़ी भूमिका रही है.

लंबा सफ़र

प्रतिभा पाटिल का जन्म महाराष्ट्र के जलगांव ज़िले में हुआ था. उन्होंने जलगांव और मुंबई से अपनी पढ़ाई पूरी की.

कालेज़ के दिनों में टेबल-टेनिस की बेहतरीन खिलाड़ी रहीं.

उनके पति का नाम डॉ देवी सिंह शेखावत है और वे दो बच्चों की माँ हैं.

वो भारतीय राष्ट्रीय सहकारिता यूनियन ( एनसीयूआई) के प्रबंधन परिषद की सदस्या भी रही हैं.

प्रतिभा पाटिल 1985 तक महाराष्ट्र विधानसभा की सदस्य रहीं और उस दौरान मंत्रिमंडल में रहते हुए उन्होंने कई ज़िम्मेदारियों का निर्वहन किया.

वे 1979-80 में विधानसभा में विपक्षी कांग्रेस विधायक दल की नेता भी रहीं.

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकीं प्रतिभा पाटिल 1985 में राज्यसभा के लिए भी चुनी गईं. वो 1986 से 1988 तक राज्यसभा की उपसभापति भी रहीं.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं के विकास में विशेष रुचि लेने वाली प्रतिभा पाटिल 1991 में लोकसभा के लिए चुनी गईं.

अपने राजनीतिक करियर में विवादों से दूर रहीं स्वच्छ छवि वाली प्रतिभा पाटिल 90 के दशक के उत्तरार्ध में राजनीतिक तौर पर उतनी सक्रिय नहीं रहीं.

लगभग तीन साल पहले केंद्र सरकार ने उन्हें राजस्थान का राज्यपाल नियुक्त किया था.

प्रतिभा पाटिल ने विभिन्न सार्वजनिक पदों पर रहते हुए कई बार विदेश-यात्राएँ कीं और अलग-अलग वैश्विक मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व किया है.

Thursday, 28 June 2007

विशालकाय पेंग्विन का जीवाश्म मिला

वैज्ञानिकों की अंतरराष्ट्रीय टीम ने पेरू में विशालकाय पेंग्विन का जीवाश्म खोजा है. वैज्ञानिकों का दावा है कि ये जीवाश्म साढ़े तीन करोड़ वर्ष से भी अधिक पुराना है.

ये पेंग्विन अधिकतर दक्षिणी महासागर के उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में पाए जाते थे.

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस खोज से पता चलता है कि इस प्रजाति के पेंग्विनों ने तीन करोड़ वर्ष पूर्व गर्म स्थानों का रुख करना शुरू कर दिया था.

वैज्ञानिकों का कहना है कि पेरू के दक्षिणी तट पर खोजा गया यह जीवाश्म तीन करोड़ 60 लाख वर्ष पुराना है और पेंग्विन की इकडिपटिस सलासी नामक प्रजाति का है.

विशेष प्रजाति

पेंग्विन की यह प्रजाति इन दिनों पाई जाने वाली पेंग्विन से काफी बड़ी थी और इनकी ऊँचाई लगभग डेढ़ मीटर थी.

यानी पृथ्वी पर वर्तमान में मौजूद पेंग्विन प्रजाति को इनके मुक़ाबले बौना कहा जा सकता है.

यही नहीं इकडिपटिस पेंग्विन का सिर लंबा था और इसकी चोंच भाले जैसी नुकीली थी.

ऐसा नहीं है कि इकडिपटिस ही पेंग्विनों की ऐसी प्रजाति थी जो गर्म स्थानों पर रहना पसंद करती थी, अफ़्रीकी या गालापैगो पेंग्विन भी दक्षिणी महासागर के गर्म पानी में रहना पसंद करते थे.

शोध टीम की सदस्य और अमरीका के उत्तरी कैरोलीना विश्वविद्यालय की डॉ जूलिया क्लार्क का कहती हैं, "ऐसा माना जाता था कि पृथ्वी के इतिहास में तापमान में गिरने के दो महत्वपूर्ण समयकालों के बाद पेंग्विन ठंडे स्थानों तक पहुँचे, लेकिन हमने अपनी खोज में उन्हें गर्म स्थानों पर पाया है और वो भी बहुत-बहुत पहले."

Wednesday, 27 June 2007

एक युग का समापन

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने क़रीब एक दशक तक सत्ता में रहने के बाद आज अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. वित्त मंत्री गॉर्डन ब्राउन नए प्रधानमंत्री बनेंगे.

टोनी ब्लेयर प्रधानमंत्री के रूप में बुधवार को अपना आख़िरी दिन बिताया और संसद में आख़िरी बार इस हैसियत से सांसदों के सवालों के जवाब दिए.

ब्रितानी प्रधानमंत्री के सरकारी कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट में स्टाफ़ को विदा कहने के बाद टोनी ब्लेयर शाही महल बकिंघम पैलेस गए और महारानी एलिज़ाबेथ को अपना इस्ताफ़ी सौंप दिया.

उसके बाद महारानी एलिज़ाबेथ संसद में बहुमत वाली लेबर पार्टी के नए नेता और मौजूदा वित्त मंत्री गोर्डन ब्राउन को नई सरकार बनाने का न्यौता देंगी.

संभावना जताई जा रही है कि टोनी ब्लेयर प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद मध्य पूर्व के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेष दूत बनाए जाएंगे.

अमरीका ने ब्लेयर को अंतरराष्ट्रीय मध्य पूर्व दूत बनाए जाने के लिए ख़ासी मुहिम चलाई.

एक ब्रितानी अख़बार द सन में छपी ख़बरे के अनुसार राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ब्लेयर को बहुत प्रतिभावान नेता बताया और कहा कि उनके संबंध बराबरी के रहे हैं.

टोनी ब्लेयर 1994 में लेबर पार्टी के अध्यक्ष बने थे और 1997 में भारी जीत के साथ ब्रिटेन के 200 वर्षों के इतिहास में सबसे युवा प्रधानमंत्री बने.

वह पिछले 24 वर्षों से सांसद रहे हैं.

इस बीच गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि शिक्षा और किफ़ायती दरों पर घरों की उपलब्धि उनके लिए अहम मुद्दे हैं लेकिन स्वास्थ्य सेवा उनकी प्राथमिकता होगी.

उन्होंने ये भी माना कि इराक़ देश और लेबर पार्टी के लिए ऐसा मुद्दा है जिस पर मत बटा हुआ है. गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि जो सबक ज़रूरी हैं वो ज़रूर सीखा जाएगा.

इराक़ युद्ध में मारे गए ब्रितानी सैनिकों के माता-पिता बुधवार को 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर प्रदर्शन करेंगे.

'ब्लेयर पिछलग्गू नहीं'

उधर मध्य पूर्व के मामलों में मध्यस्थता करने वाला समूह ब्रितानी प्रधानमंत्री का पद छोड़ने जा रहे टोनी ब्लेयर को मध्य पूर्व में विशेष दूत बनाने पर चर्चा कर रहा है.

अमरीका में बुश प्रशासन पहले ही ज़ाहिर कर चुका है कि वह टोनी ब्लेयर के लिए एक बड़ी भूमिका देख रहा है. हालांकि रूस का रुख़ इस मामले में थोड़ा ठंडा रहा है.

टोनी ब्लेयर के पद छोड़ने के मौके पर अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ब्रितानी अख़बार सन में उनकी काफ़ी प्रशंसा की है.

उन्होंने लिखा है, "टोनी ब्लेयर बहुत हुनरमंद हैं. हमारी साझेदारी ऐसे दो लोगों के बीच की साझेदारी रही है जो समान स्तर के हैं."

उन्होंने इस बात से इनकार किया कि टोनी ब्लेयर उनके पिछलग्गू हैं.

Saturday, 23 June 2007

सकुशल धरती पर लौटीं सुनीता

अमरीकी अंतरिक्ष यान अटलांटिस कुछ गंभीर समस्याओं का सामना करने के बाद ज़मीन पर लौट आया है.

अटलांटिस दो सप्ताह के मिशन पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर गया था जिसके बाद वह शुक्रवार को कैलीफ़ोर्निया में धरती पर उतरा.

अटलांटिस यान ने कैलीफ़ोर्निया के एडवर्ड वायु सैनिक अड्डे पर स्थानीय समय के अनुसार 1549 (जीएमटी-1949) पर धरती को छुआ.

ख़राब मौसम की वजह से इसके ज़मीन पर उतरने का कार्यक्रम कुछ टाला गया और बाद में इसके उतरने का स्थान ही बदलना पड़ा.

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अटलांटिस को फ्लोरिडा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र में उतरना था लेकिन फिर कैलीफ़ोर्निया में उतारा गया.

इस शटल में भारतीय मूल की वैज्ञानिक सुनीता विलियम्स भी वापस लौटी हैं जिन्होंने सबसे लंबे समय तक अंतरिक्ष में ठहरने वाली महिला होने का रिकॉर्ड बनाया है.

सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में 195 दिन बिताए हैं और उन्होंने अंतरिक्ष में चहलक़दमी करने वाली पहली महिला होने का भी रिकॉर्ड बनाया है.

अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के लिए इस मिशन में कई चुनौतियां आई और पिछले क़रीब दो सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में अंतरिक्ष यात्री कंप्यूटर और यान से जुड़ी कई तकनीकी खराबियां ठीक करते रहे.

नासा के हाल के इतिहास में इस मिशन को सबसे कठिन बताया जा रहा था. अंतरिक्ष यात्रियों को मात्र 11 दिन रुकना था लेकिन तकनीकी ख़राबियों की वजह से उन्हें क़रीब एक पखवाड़ा रुकना पड़ा.

हालात यहां तक आ गए थे कि अंतरिक्ष स्टेशन के कंप्यूटरों ने काम करना बंद कर दिया था और लग रहा था कि पुराने पड़ चुके अंतरिक्ष स्टेशन को पूरी तरह छोड़ने की नौबत आने वाली है क्योंकि इन कंप्यूटरों का मुख्य कार्य अंतरिक्ष यात्रियों के जीवन से जुडा़ होता है.

इस खराबी को ठीक कर लिया गया लेकिन फिर अंतरिक्ष यान अटलांटिस में समस्याएं पैदा हो गईं. अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरने के दौरान यान का थर्मल फोम घिस गया था.इस हिस्से को ठीक करने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में चलना पड़ा जिसमें बहुत समय लगा.

नासा के अधिकारियों ने बाद में कहा कि मिशन के सारे उद्देश्य पूरे हो गए इसलिए अटलांटिस को ज़मीन पर वापस लौटने की अनुमति दे दी गई.

Saturday, 16 June 2007

सुनीता ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास

भारतीय मूल की अमरीकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में लगातार सबसे लंबे समय तक ठहरने वाली पहली महिला बन गई हैं.

सुनीता छह महीने से भी अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर हैं.

अमरीकी अधिकारियों ने बताया कि सुनीता विलियम्स ने शनिवार को ग्रीनिच मान समय के अनुसार 5 बजकर 47 मिनट पर 996 में शैनौन ल्युसिड के बनाए 188 दिन और 4 घंटे के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया.

गत वर्ष 10 दिसंबर को अपनी अंतरिक्ष यात्रा शुरू करने वाली सुनीता गुरुवार को धरती पर लौटने वाली हैं.

वैसे सुनीता का यह कोई पहला रिकॉर्ड नहीं है. इस साल की शुरुआत में ही उन्होंने अंतरिक्ष में 22 घंटे 27 मिनट तक चहलक़दमी कर किसी महिला द्वारा अब तक के सबसे लंबे स्पेस वॉक का रेकॉर्ड बनाया था.

इससे पहले यह रिकॉर्ड अंतरिक्ष यात्री कैथरीन थार्नटन के नाम था. उन्होंने 21 घंटे से अधिक समय तक के स्पेस वॉक का रिकॉर्ड बनाया था.

वापसी

सुनीता अंतरिक्ष में मैराथन करने वाली दुनिया की पहली अंतरिक्ष यात्री भी हैं. उन्होंने इस वर्ष अप्रैल में बोस्टन मैराथन में अंतरिक्ष से ही शिरकत की थी.

ग़ौरतलब है कि पिछले वर्ष 10 दिसंबर को अंतरिक्ष यान डिस्कवरी से सुनीता और छह अन्य अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरी थी.

सुनीता को अंतरिक्ष स्टेशन से वापस लाने के लिए अंतरिक्ष यान अटलांटिस ने पिछले सप्ताह कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी थी लेकिन इसी दौरान उसके बाहरी सुरक्षा कवच में दरार आ गई थी.

इसके बाद आईएसएस के कंप्यूटरों में ख़राबी आ गई थी लेकिन नासा का कहना है कि इसे भी ठीक कर दिया गया है.

नासा का कहना है कि इन ख़राबियों को दुरुस्त करने के साथ ही अटलांटिस और सुनीता की सुरक्षित वापसी का रास्ता साफ़ हो गया है.

सलमान रुश्दी को 'नाइटहुड'

भारतीय मूल के चर्चित और विवादित अंग्रेज़ी लेखक सलमान रुश्दी को ब्रिटेन की महारानी ने 'नाइटहुड' के ख़िताब से सम्मानित किया है.

इस ख़िताब के बाद सलमान रुश्दी को सर सलमान रुश्दी के नाम से जाना जाएगा.

उनकी किताब 'सैनेटिक वर्सेस' से दुनिया भर के मुसलमान नाराज़ हो गए थे और 1989 में ईरान के आध्यात्मिक नेता आयतुल्ला ख़ुमैनी ने उनके ख़िलाफ़ मौत का फ़तवा जारी कर दिया था.

इसके बाद 1999 तक वे सार्वजनिक जीवन से दूर रहे. दस साल बाद उनका अज्ञातवास हालांकि ख़त्म हो गया लेकिन उनसे जुड़े विवाद कभी ख़त्म नहीं हुए.

कट्टर धर्मनिरपेक्ष सलमान रुश्दी ने ब्रितानी सांसद जैक स्ट्रॉ का उस समय समर्थन किया था जब उन्होंने कहा मुसलमान महिलाओं के बुर्क़ा पहनने पर टिप्पणी की थी.

सलमान रुश्दी ने तब इस्लाम के 'संपूर्णतावाद' के ख़िलाफ़ चेतावनी भी दी थी.

बुकर अवार्ड

मुंबई के एक सफल व्यावसायी के बेटे सलमान रुश्दी का जन्म 1947 को मुंबई में एक मुस्लिम परिवार में हुआ.

उनकी शिक्षा इंग्लैंड के रग्बी स्कूल में हुई और फिर उन्होंने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से इतिहास की पढ़ाई की.

विज्ञापन की दुनिया से अपना करियर शुरु करने वाले रुश्दी बाद में पूर्णकालिक लेखक हो गए.

उनका पहला उपन्यास 'ग्रिमस' 1975 में आया था लेकिन साहित्यिक दुनिया और पाठकों ने इसका कोई नोटिस नहीं लिया.

लेकिन उनके दूसरे उपन्यास 'मिडनाइट्स चिल्ड्रन' ने उन्हें साहित्य जगत में ख्याति दिलवाई और 1981 में उन्हें बुकर सम्मान दिया गया.

1993 में उन्हें विशेष सम्मान 'बुकर ऑफ़ बुकर्स' दिया गया क्योंकि उनके उपन्यास को 25 बरसों में बुकर सम्मान से सम्मानित किताबों में सबसे अच्छा माना गया.

19 जून को 60 साल के होने जा रहे सलमान रुश्दी को उनके उन्मुक्त बयानों के लिए जाना जाता है.

लेखन

सलमान रुश्दी इतिहास को अपने लेखन का विषय बनाते हैं और फिर अपनी अद्भुत कल्पनाशीलता के साथ इसके इर्दगिर्द कहानी बुनते हैं.

उनकी कहानियाँ भारत और पाकिस्तान की ज़मीन पर बुनी जाती हैं.

उनकी चौथी किताब 'सैनेटिक वर्सेस' में कल्पनाशीलता, दर्शन और विडंबनाओं के साथ ख़ुदा और शैतान के बीच लड़ाई को चित्रित किया गया है.

इस किताब की इस्लामिक समाज में तीखी प्रक्रिया हुई और इसे ईशनिंदा क़रार दिया गया. आरोप है कि रुश्दी ने पैगम्बर मोहम्मद का अपमान किया.

'सैनेटिक वर्सेस' को कई मुस्लिम देशों में प्रतिबंधित कर दिया गया और ईरान के धार्मिक-आध्यात्मिक नेता ख़ुमैनी ने रुश्दी के ख़िलाफ़ फ़तवा जारी कर दिया.

दस साल के अज्ञातवास में सलमान रुश्दी पुलिस की सुरक्षा में रहे लेकिन उनका लिखना जारी रहा और उन्होंने कई उपन्यास और निबंध लिखे.

नाइटहुड दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सलमान रुश्दी ने कहा, "यह एक बड़ा सम्मान है और मै आभारी हूँ कि मेरे लेखन को इस तरह पहचान दी गई."

Sunday, 13 May 2007

वैज्ञानिकों ने तैयार किया 'प्लास्टिक' ख़ून

ब्रिटेन में वैज्ञानिकों ने कृत्रिम प्लास्टिक ख़ून तैयार किया है, जिसे आपात स्थिति में ख़ून के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.

शेफ़ील्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अनुसंधान का सबसे ज़्यादा लाभ युद्धक्षेत्रों में हो सकता है.

उनका कहना है कि कृत्रिम ख़ून वज़न में हल्का है, इसे ठंडा रखने की ज़रूरत नहीं है और इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.

नए रक्त को प्लास्टिक कणिकाओं से तैयार किया गया है. प्लास्टिक कणिका के कोश में हीमोग्लोबिन जैसा लोहे का अणु है, जो शरीर के माध्यम से ऑक्सीजन लेता है.

कम ख़र्च

वैज्ञानिकों का कहना है कि कृत्रिम ख़ून को कम ख़र्च में तैयार किया जा सकता है और 'प्लास्टिक ख़ून' को मूलरूप में और जैविक इस्तेमाल के लिए तैयार करने के लिए उन्हें कुछ और राशि की दरकार है.

यूनिवर्सिटी के रसायन विभाग के डॉक्टर लांस ट्वाइमैन ने कहा, "इस शोध के नतीजों से हम बहुत उत्साहित हैं. यह उत्पाद लोगों की ज़िंदगी बचा सकता है."

दुनिया भर में तमाम लोग विभिन्न दुर्घटनाओं या युद्धक्षेत्र में शरीर के बाहरी हिस्सों मे लगी चोट के कारण बहुत अधिक ख़ून बहने से अपनी जान गँवा देते हैं.

प्लास्टिक ख़ून का असली ख़ून के मुक़ाबले अधिक आसानी से संचय किया जा सकता है.

इसका सीधा मतलब ये हुआ कि सशस्त्र सेनाएँ और एंबुलेंसें ख़ासी मात्रा में प्लास्टिक ख़ून अपने पास रख सकती हैं.

कृत्रिम ख़ून का एक नमूना लंदन स्थित विज्ञान संग्रहालय में प्लास्टिक के इतिहास पर 22 मई से शुरू हो रही प्रदर्शनी में रखा जाएगा.

Monday, 7 May 2007

स्पाइडरमैन-3 ने तोड़े सभी रिकॉर्ड

आकलनों के मुताबिक स्पाइडरमैन-3 बॉक्स ऑफ़िस इतिहास में सबसे सफल फ़िल्म बन गई है.

सोनी का कहना है कि उत्तरी अमरीका में फ़िल्म ने पहले सप्ताह में ही 14.80 करोड़ डॉलर का कारोबार किया.

इसने पाइरेट्स ऑफ़ कैरेबियन के दूसरे भाग डेड मैन्स चेस्ट 13.6 करोड़ डॉलर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.

अब तक केवल सात फ़िल्में ही पहले सप्ताह में 10 करोड़ डॉलर की कमाई करने में सफल रही हैं.

हालांकि माना जा रहा है कि आगामी सप्ताह में स्पाइडरमैन पर दबाव बढ़ जाएगा क्योंकि पाइरेट्स ऑफ़ कैरेबियन का तीसरा भाग रिलीज़ होने जा रहा है.

स्पाइडरमैन-3 ब्रिटेन और एशिया में भी शुक्रवार को रिलीज़ हुई और फ़िल्म सभी जगह रिकॉर्ड बना रही है.

स्पाइडरमैन सिरीज़ की पिछली दो फ़िल्में भी बेहद सफल रही थीं.

स्पाइडरमैन-थ्री फ़िल्म में टोबी मैग्वायर और कर्स्टन डंस्ट मुख्य भूमिका में हैं.

हालांकि स्पाइडरमैन के चहेते दर्शकों ने इसे हाथों हाथ लिया है लेकिन इसे कड़ी आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है.

वाशिंगटन पोस्ट का कहना है कि फ़िल्म 'बेकार' है जबकि न्यूयॉर्क पोस्ट ने इसे 'बेहद लंबी और जटिल' करार दिया है.

इससे पहले इस सिरीज़ की पिछली दो फ़िल्मों ने दुनियाभर में क़रीब एक अरब 60 करोड़ डॉलर की कमाई की थी.

Wednesday, 25 April 2007

विकलांग एथलीट पिस्टोरियस का जलवा

इरादे बुलंद हों तो क्या नहीं हो सकता. ऐसे ही चट्टानी हौसले की जिंदा मिसाल हैं पिस्टोरियस. पैरों से लाचार इस शख्स का ट्रैक पर जलवा देखते ही बनता है.

बात ज़्यादा पुरानी नहीं है. तीन साल पहले तक दक्षिण अफ़्रीका के ऑस्कर पिस्टोरियस ने ट्रैक तक नहीं देखा था और वह अकेले यूँ ही शौकिया दौड़ा करते थे.

लेकिन आज वह एथलीटों की दुनिया की सनसनी हैं. 'विकलांग वर्ग' में उनके नाम 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर के विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं.

उनके कोच एमपी लोव कहते हैं, "पिस्टोरियस जन्मजात चैंपियन हैं."

बीस वर्षीय पिस्टोरियस दुनिया के उन गिने-चुने एथलीटों में शामिल हैं जो ओलंपिक के लिए क्वालीफ़ाई करने का माद्दा रखते हैं.

पिस्टोरियस इस मुकाम से एक सेकेंड से भी कम समय से पीछे हैं.

लेकिन ओलंपिक के लिए पिस्टोरियस सरीखा दावा शायद ही किसी और का हो. वह एक नहीं बल्कि दोनों पैरों से लाचार हैं.

'ब्लेड रनर'

जन्म से ही उनके घुटने से निचले हिस्से में हड्डियाँ नहीं थी. एक साल की उम्र में ही डॉक्टरों ने उनके पैरों को आपरेशन से अलग कर दिया.

कृत्रिम तरीके से तैयार पैर के सहारे उन्होंने चलना सीखा और उन्हें विश्वास होने लगा कि इससे वह किसी को भी पछाड़ सकते हैं.

कार्बन फ़ाइबर से तैयार यह कृत्रिम पैर पिस्टोरियत को इतना भाया कि ट्रैक पर दौड़ता देख लोग उन्हें 'ब्लेड रनर' कहने लगे.

उनके इन कृत्रिम पैरों ने खेलों में इतिहास तो रचा, लेकिन विवाद भी खड़ा कर दिया.

लोगों का कहना था कि पतले और लंबे 'ब्लेड' पिस्टोरियस को लंबी डग भरने में अतिरिक्त मदद करते हैं.

पिस्टोरियस ने तो इन दावों का खंडन किया ही, ब्लेड के निर्माता ओस्सर ने भी कहा कि पैर जो काम कर सकते हैं, 'ब्लेड' की क्षमता उससे कहीं कम होती है.

रिकॉर्ड

उनके रिकॉर्ड से तो दुनिया के कई देशों के राष्ट्रीय चैंपियन तक शर्मसार हो जाएँ.

चार सौ मीटर दौड़ में पिस्टोरियस का विश्व रिकॉर्ड 46.56 सेकेंड का है और वो 2004 में एथेंस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले एथलीट (44.0 सेकेंड) से बहुत पीछे नहीं हैं.

यही नहीं 200 मीटर दौड़ पिस्टोरियस ने 21.58 सेकेंड में पूरी की है, जबकि 2004 ओलंपिक में स्वर्ण पदक 19.79 सेकेंड का समय निकालने वाले एथलीट की झोली में गया था.

सौ मीटर फर्राटा में पिस्टोरियस का रिकॉर्ड 10.91 सेकेंड का है और 2004 का ओलंपिक रिकॉर्ड है 9.85 सेकेंड.

मुहिम

पूर्व विश्व रिकॉर्डधारी और एक ज़माने में ब्रिटेन के एथलीट नायक कोलिन जैक्सन का कहना है कि पिस्टोरियस को एक मौक़ा दिया जाना चाहिए.

जैक्सन ने बीबीसी से कहा, "मैं समझता हूँ कि उन्हें पहले पैरालंपियन के रूप में ओलंपिक खेलों में मौक़ा दिया जाए."

उन्होंने कहा, "वह वास्तव में बेहतरीन एथलीट हैं. वह युवा हैं और न केवल 2008 ओलंपिक बल्कि 2012 के ओलंपिक खेलों में भी शिरकत कर सकते हैं."

Tuesday, 24 April 2007

युगांतकारी नेता थे बोरिस येल्तसिन

रूस के पूर्व राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन बहुत ही दिलचस्प व्यक्ति थे. उनका अंदाज़ हमेशा ही नाटकीय रहा. और सत्ता के शीर्ष तक उनका सफ़र भी कम नाटकीय नहीं था.

उनकी राजनीतिक यात्रा एक पारंपरिक साम्यवादी के रूप में शुरू हुई, जबकि आगे चल कर उनकी ख्याति रूस के नए लोकतंत्र के खुले समर्थक के रूप में हुई.

1991 में सैनिक तख़्तापलट के प्रयासों का विरोध करते हुए वे एक टैंक पर जा चढे और सोवियत सैनिकों से तख़्तापलट की कोशिश करने वाले अधिकारियों की बात नहीं मानने की अपील की.

हालाँकि बाद में उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी पर प्रतिबंध लगा दिया, और शांतिपूर्ण ढंग से सोवियत संघ का विखंडन होने दिया.

कुछ ही महीनों के भीतर उन्होंने तत्कालीन सोवियत नेता मिखाइल गोर्वाच्योफ़ को क्रेमलिन से बाहर कर दिया, और ख़ुद रूस के पहले राष्ट्रपति चुने गए.

सार्वजनिक जीवन में नाटकीयता और लोकलुभावन तौर-तरीकों को आज़माने वाले येल्तिसन ने अपने कार्यकलापों के दूरगामी परिणामों की कभी भी ज़्यादा परवाह नहीं की. जब येल्तसिन सत्ता में आए तो रूसी समाज उथल-पुथल के अभूतपूर्व दौर से गुजर रहा था.

उनके शासन के शुरुआती कुछ वर्षों की अफ़रातफ़री, संगठित अपराध का बोलबाला और क़ानून का तिरस्कार जैसी बातें शायद लोगों को ठीक तरह याद नहीं रहे. लेकिन उनके किए कुछ काम अब भी मौजूदा रूसी व्यवस्था की बुनियाद हैं.

जैसे, येल्तसिन ने एक सर्वशक्तिमान राष्ट्रपति के इर्द-गिर्द केंद्रित जिस संविधान को लागू किया, वो आज भी रूसी क़ानून की बुनियाद है.

सैनिक कार्रवाई

हालाँकि येल्तसिन ने अपने कार्यकाल के दौरान जनता को जो राजनीतिक अधिकार प्रदान किए, वो पहले उपलब्ध नहीं थे. मीडिया को अधिकारियों की, यहाँ तक ख़ुद येल्तसिन की आलोचना करने की छूट थी. उस तरह की आज़ादी वहाँ आज के दिन संभव नहीं है.

चेचन्या में सैनिक कार्रवाई के लिए येल्तसिन को शायद इतिहास में उतनी अच्छी जगह नहीं मिले. येल्तसिन ने विद्रोहियों को कुछ दिनों के भीतर परास्त कर देने के दावे के साथ पहला चेचन युद्ध शुरू किया था.

लेकिन युद्ध वर्षों तक चला जिसमें हज़ारों लोगों की मौत हुई. उस युद्ध के कारण पूरा काकेसस क्षेत्र राजनीतिक रूप से अब तक संवेदनशील बना हुआ है.

जब पूर्व सोवियत नेता मिखाइल गोर्वाच्योफ़ को बोरिस येल्तसिन की विरासत का आकलन करने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि येल्तसिन ने देश के लिए बड़े-बड़े काम किए, लेकिन बाद में बड़ी-बड़ी ग़लतियाँ भी की.

बोरिस येल्तसिन भले रूसियों को न तो शांति, और न ही संपन्नता दे सके. लेकिन वे सात दशकों से चले आ रहे सोवियत साम्यवाद को ख़त्म करने में सहायक रहे और भविष्य में शायद उन्हें इसी बात के लिए याद किया जाए.

Sunday, 8 April 2007

सुपरमैन के कपड़ों की नीलामी

सत्तर के दशक की ब्लॉकबस्टर फ़िल्म सुपरमैन में भूमिका निभाने वाले क्रिस्टोफ़र रीव की पोशाक एक नीलामी में एक लाख़, 15 हजार डॉलर में बिकी.

इस नीलामी का आयोजन फिल्मों के इतिहास पर काम करने वाली एक कंपनी ने किया था.

प्रतीकचिन्हों की इस नीलामी में फ़िल्म और टेलीविज़न के कुछ पोस्टर और पटकथाएँ 20 लाख़ डॉलर में बिकीं.

सुपरमैन की पोशाक उम्मीद के विपरीत लगभग दोगुने मूल्य पर बिकी.

उल्लेखनीय है कि सुपरमैन की भूमिका निभाने वाले क्रिस्टोफ़र रीव का वर्ष 2004 में निधन हो गया था.

नीलामी में 1979 की फिल्म 'एलियन' में दूसरे ग्रह के प्राणी वाली पोशाक और 'बैटमैन' फ़िल्म का ‘बैटसूट’ भी बेचा गया.

1995 में बनी फिल्म 'बैटमैन फॉर एवर' का ‘बैटसूट’ 63 हज़ार 250 डॉलर में और 'एलियन' की पोशाक एक लाख़, 26 हज़ार पाँच सौ डॉलर में बिकी.

1938 में बनी फ़िल्म “द विज़र्ड ऑफ ओज़” की एक दुर्लभ पोशाक एक लाख़,15 हजार डॉलर में बिकी.

Monday, 2 April 2007

भारतीय शेयर बाज़ारों में रिकॉर्ड गिरावट

महँगाई पर लगाम कसने के भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों का शेयर बाज़ार पर विपरीत असर हुआ और मुनाफ़ावसूली के दबाव में शेयर बाज़ारों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई.

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स ने 616 अंकों का गोता लगाया.

सेंसेक्स के इतिहास में यह दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है. इससे पूर्व, 18 मई 2006 को सेंसेक्स 826 अंक लुढ़का था.

उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सूचकांक निफ्टी में भी गिरावट आई और यह लगभग 188 अंक यानी पाँच फ़ीसदी नीचे आकर 3711.95 पर टिका.

सेंसेक्स में सोमवार को बाज़ार खुलने के साथ ही गिरावट का रुख रहा. दोपहर तक यह 400 अंकों से ज़्यादा गिर चुका था और अंतिम कारोबारी सत्र में भी यह संभल नहीं सका.

कारोबार बंद होते समय यह 616 अंकों की गिरावट के साथ 12455.37 पर बंद हुआ.

ब्याज़ दर का असर

रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को छोटी अवधि के लिए वाणिज्यिक बैंकों को देय ऋणों पर ब्याज़ दर यानी रेपो रेट चौथाई फ़ीसदी बढ़ाकर 7.75 प्रतिशत कर दिया था.

बाज़ार के जानकारों का मानना है कि इसी फ़ैसले से शेयर बाज़ारों में गिरावट आई है.

इसके अलावा रिजर्व बैंक ने नक़द आरक्षण अनुपात यानी सीआरआर को भी छह प्रतिशत से बढ़ाकर साढ़े छह प्रतिशत कर दिया था. सीआरआर बैंकों की नगदी का वो हिस्सा होता है जो उन्हें रिजर्व बैंक में जमा रखना पड़ता है.

रिजर्व बैंक के इस फ़ैसले के बाद कई वाणिज्यिक बैंकों ने होम लोन पर ब्याज़ दरें बढ़ाने की घोषणा की है.

बाज़ार में गिरावट का सबसे अधिक असर बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों पर दिखा और एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों के दाम चार से पाँच फ़ीसदी गिर गए.

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से सिर्फ़ छह के शेयरों में मुनाफ़ा रहा जबकि 24 शेयरों के भाव गिर गए.

बीएसई में कुल 2546 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ जिनमें से 1771 के भाव नीचे आए.

Friday, 30 March 2007

कुंबले ने वनडे से लिया संन्यास

दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज़ों को अपनी लेग स्पिन से मात देने वाले उस्ताद फिरकी गेंदबाज़ अनिल कुंबले ने वनडे क्रिकेट को अलविदा कह दिया है.

कुंबले ने शुक्रवार को बंगलौर में आधिकारिक तौर पर वनडे से संन्यास लेने की घोषणा की.

कुंबले की फिरकी अब सिर्फ़ टेस्ट मैचों में ही देखने को मिलेगी.

टेस्ट और वनडे में भारत की ओर से सबसे अधिक विकेट चटकाने वाले कुंबले ने माना कि विश्व कप इतिहास में भारत की इस बार की शुरुआत बेहद खराब रही.

उन्होंने कहा कि वह युवाओं को मौक़ा देना चाहते हैं. कुंबले ने कहा कि देश में पीयूष चावला, मुरली कार्तिक जैसे स्पिनर मौज़ूद हैं और प्रतिभाओं की कमी नहीं है.

कुंबले ने 271 वनडे मैचों में 337 विकेट लिए हैं और उनका औसत रहा 30.9.

17 साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे 36 वर्षीय कुंबले ने इस सफ़र में साथ देने के लिए टीम के साथियों और कोच का शुक्रिया अदा किया.

उन्होंने अपने माता-पिता, भाई और अपनी पत्नी को भी हर कद़म पर उनका साथ देने के लिए धन्यवाद दिया.

विश्व कप में निराशाजनक विदाई के बाद मीडिया से छिपने के सवाल पर कुंबले ने कहा, "हम मीडिया या लोगों से नहीं भाग रहे हैं."

उनका कहना था, "मैं अच्छे प्रदर्शन के साथ वनडे को अलविदा कहना चाहता था लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो पाया. उम्मीद है कि टेस्ट क्रिकेट को अपने अंदाज़ में अलविदा कहूँगा."

कप्तानी मुश्किल

भारतीय टीम की कप्तानी को मुश्किल बताते हुए उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विश्व कप में नाकामी के लिए राहुल द्रविड़ को बलि का बकरा बनाया गया.

उन्होंने कहा कि श्रीलंका के ख़िलाफ़ मैच में हार की वजह बल्लेबाज़ी की विफलता रही.

1990 में अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले कुंबले ने कहा कि चार साल पहले जब विश्व कप में टीम में होने के बावजूद भी वह एकादश में जगह नहीं बना पा रहे थे तो उनके मन में वनडे क्रिकेट को अलविदा कहने का विचार आया था, लेकिन टीम में बने रहने और गेंद थामे रहने की तमन्ना से वह ऐसा नहीं कर सके.

कुंबले ने वनडे क्रिकेट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हीरो कप के फ़ाइनल में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ किया. उन्होंने महज़ 12 रन देकर छह खिलाड़ियों को पवेलियन की राह दिखाई थी.

Sunday, 25 March 2007

भगवान दास मुख्य न्यायाधीश बने

राणा भगवान दास पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं. पाकिस्तान के इतिहास में दूसरी बार किसी ग़ैर मुस्लिम को यह पद मिला है.

पाकिस्तान के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश राणा भगवान दास को शनिवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई गई.

इसके बाद अब जस्टिस भगवान दास ही सर्वोच्च न्यायिक परिषद की अगुआई करेंगे जो निलंबित मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी के ख़िलाफ़ मामलों की जाँच कर रही है.

इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी को पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने पद का दुरुपयोग करने के मामले में निलंबित कर दिया था. फिलहाल उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है.

उनके निलंबन के ख़िलाफ़ पूरे पाकिस्तान में वक़ीलों ने विरोध प्रदर्शन किया और कई जगहों पर हिंसा भी हुई.

शपथ

जस्टिस भगवान दास को मौजूदा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जावेद इक़बाल ने कराची में आयोजित सादे समारोह में शपथ दिलाई.

पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार हिंदू समुदाय के किसी व्यक्ति को मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है. इससे पहले ईसाई समुदाय के एआर कॉर्नेलियस को साठ के दशक में मुख्य न्यायाधीश बनाया गया था.

राणा भगवान दास को यह ज़िम्मेदारी देने पर कुछ इस्लामी संगठनों ने विरोध जताया था. उनका कहना था कि मुख्य न्यायाधीश ही शरिया कोर्ट के प्रमुख होते हैं, इसलिए कोई ग़ैर मुस्लिम यह पद नहीं संभाल सकता.

लेकिन न्यायाधीश जावेद इक़बाल ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक दृष्टि से किसी ग़ैर मुस्लिम के मुख्य न्यायधीश बनने पर कोई पाबंदी नहीं है.

Sunday, 18 March 2007

हॉलीवुड फ़िल्म का ईरान ने किया विरोध

अमरीका और कनाडा में बसे ईरानी समुदाय के लोग हॉलीवुड की फ़िल्म '300' को लेकर नाराज़ हैं.

कहा जा रहा है कि इस फ़िल्म में ईरान की प्राचीन सभ्यता और इसके इतिहास का ग़लत और ग़ैर ज़िम्मेदाराना तरीके से चित्रण किया गया है.

यह फ़िल्म हालाँकि अमरीका बॉक्स ऑफिस पर सफल रही है और पिछले कई फ़िल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.

फ़िल्म इसी सप्ताह यूरोप के सिनेमाघरों में भी रीलीज़ होने जा रही है.

फ़िल्म की कहानी फ्रैंक मिलर के उपन्यास पर आधारित है जिसमें 480 ईसा पूर्व हुए थर्मोपिलई के युद्ध का वर्णन है.

कहा गया है कि इस युद्ध में किस तरह स्पार्टा की 300 सैनिकों की एक छोटी सी सेना ने तत्कालीन पर्सिया (आधुनिक ईरान) के आक्रमण का प्रतिरोध किया था.

फ़िल्म में दिखाया गया है कि किस तरह स्पार्टा के राजा ने इस तीन सौ सैनिकों की सेना के साथ ईरानी आक्रमणकारी ज़ेरेक्सेज़ और उसकी लाखों सैनिकों की ख़ूँख़ार सेना का मुँहतोड़ जवाब दिया था.

इस फ़िल्म ने दुनिया भर के ईरानियों का गुस्सा भड़का दिया है. ख़ास तौर पर उत्तर-अमेरिका में बसे ईरानियों के बीच इसकी तीखी प्रतिक्रिया हुई है.

यूनेस्को से अपील

वे इसे अपनी सभ्यता, संस्कृति और परंपरा पर एक हमला मान रहे हैं.

ईरान की सरकार भी अब इस विरोध में शामिल हो गई है.

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक एजेंसी यूनेस्को से अपील की है कि वह इस फ़िल्म की निंदा करे क्योंकि यह ईरान की संस्कृति और इसके इतिहास के लिए अपमानजनक है.

यूनेस्को के महानिदेशक को लिखे एक पत्र में ईरानी प्रतिनिधि मोहम्मद रेज़ा देहशेरी ने कहा है कि इस संस्था कि ज़िम्मेदारी है कि वह इस फ़िल्म की भर्त्सना करे.

देहशेरी ने कहा कि यह फ़िल्म पश्चिमी और पूर्वी सभ्यताओं के बीच संघर्ष को जन्म दे सकता है.

ईरानी सरकार के उच्चाधिकारी भी इस आंदोलन में शामिल हो गए हैं. वे इसे ईरान के ख़िलाफ़ एक व्यापक अभियान के रूप में देख रहे हैं.

ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के सांस्कृतिक सलाहकार ज़वाद शमाक़दारी ने कहा कि यह ईरान के ‘ इतिहास के साथ खिलवाड़ और ईरान की सभ्यता का अपमान ’ है.

उन्होंने इस फ़िल्म को ईरान और इसके लोगों के ख़िलाफ़ एक ‘ मनौवैज्ञानिक युद्ध ’ की संज्ञा दी.

ईरान के एक राष्ट्रीय अख़बार अयंदेह-नो ने सुर्खी लगाई है- ‘ हॉलीवुड ने छेड़ा ईरानियों के ख़िलाफ़ जंग’.

फ़िल्म के निर्मता वार्नर ब्रदर्स का कहना है कि यह फ़िल्म एक काल्पनिक कहानी है जो मौटेतौर पर एक एतिहासिक घटना पर आधारित है.

कंपनी की ओर से ज़ारी एक बयान में कहा गया है कि उनकी यह फ़िल्म एक काल्पनिक कृति है और इसका उद्देश्य केवल दर्शकों का मनोरंजन करना है. इसका उद्देश्य किसी जाति या संस्कृति को नीचा दिखाना या किसी तरह का राजनीतिक संदेश देना नहीं है.

ब्लॉग अभियान

फ़िल्म का विरोध करने के लिए ईरानी समुदाय के लोग बड़े पैमाने पर इंटरनेट का भी सहारा ले रहे हैं जहाँ उन्होंने फारसी ब्लॉगों के ज़रिए इस फ़िल्म के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ दिया है.

अवार्ड जीत चुके ईरानी ब्लॉगर और पत्रकार ओमिद मेमेरियन ने कहा कि इस फ़िल्म में जिस तरह से ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है उससे वे काफ़ी चिंतित हैं.

मेमेरियन कहते हैं, “ यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमरीका के कुछ ही पाठ्यक्रमों में विश्व इतिहास की जानकारी दी जाती है और यहाँ के आम लोगों को ऐतिहासिक तथ्यों के बारे में गुमराह करना बहुत आसान है. ”

कुछ ब्लॉगरों और टिप्पणीकारों ने इस फ़िल्म के ख़िलाफ़ अभियान छेड़े जाने का इस आधार पर विरोध किया है कि इस फ़िल्म के विरोध से ज़्यादा बड़ी लड़ाईयाँ अभी लड़ी जानी हैं.

ईरान के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई की बढ़ रही आशंका इनमें से एक है.

टोरंटो में बसे पेंदार यूसूफ़ी नाम के एक ईरानी ब्लॉगर ने इंटरनेट पर एक अलग तरह का युद्ध छेड़ दिया है जिसे ‘ गूगल बॉम्बिंग ’ कहा जा रहा है.

यानी करीब़ छह सौ ईरानी ब्लॉगरों और वेबसाईटों ने यूसूफ़ी के वेबसाईट के साथ लिंक जोड़कर इस सर्च ईंजन को ही चकमा देने का प्रयास किया है कि यदि गूगल के ज़रिए लोग इस फ़िल्म के बारे में जानना चाहें तो इस फ़िल्म की जगह ईरानी सभ्यता और संस्कृति के बारे में जानकारियाँ पहले आ जाएँ.

Monday, 12 March 2007

'नशेड़ी राजदूत' वापस बुलाए गए

इसराइल ने अल सल्वाडोर में नियुक्त अपने उस राजदूत को वापस बुला लिया है जो शहर की सड़कों पर नशे में धुत्त और बेहद कम कपड़ों में पाए गए थे.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि 'हमने अपने राजदूत को तुरंत वापस बुला लिया है.'

राजदूत के रुप में रफ़ाएल की ये पहली नियुक्त थी. उन्हें 2006 में पदोन्नति देकर पहली बार राजदूत बनाया गया था.

अधिकारियों का कहना है," कई राजदूत पहले भी अपनी हरकतों से देश को 'शर्मसार' करते रहे है लेकिन रफ़ाएल ने अति कर दी."

अधिकारी का कहना था ' इसराइल के साठ वर्षो के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ कि कोई राजदूत किसी देश की सड़कों पर नशे में धुत्त अपने न्यूनतम कपड़ों में घूमता मिले और गलत व्यवहार करे.'

हारेत्ज़ वेबसाइट के अनुसार पुलिस ने दो हफ्ते पहले सैन साल्वाडोर में रफ़ाएल को पकड़ा था.

रफ़ाएल उस समय बेहद नशे में थे. उनके हाथ बंधे हुए थे और मुंह में रबर की गेंद थी.

पिछले साल इसराइल में नियुक्तियों पर नज़र रखने वाली वॉचडॉग ने कूटनीतिक सेवाओं में नियुक्तियों की कड़ी आलोचना की थी और कहा था कि इनमें पारदर्शिता नहीं है.

Friday, 9 March 2007

'जापानियों से अधिक भारतीय अरबपति'

भारतीय अरबपतियों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है और उसने इस मामले में जापानियों को भी पीछे छोड़ दिया है. प्रतिष्ठित फ़ोर्ब्स पत्रिका की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार 36 भारतीय अरबपति हैं, जबकि 24 जापानी अरबपति हैं.

वर्ष 2006 के मुक़ाबले अरबपतियों की संख्या में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और अब दुनिया में कुल 946 अरबपति है. जबकि पिछले वर्ष इस सूची में 793 लोग थे.

अरबपतियों की संपत्ति में भी 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वहीं माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक बिल गेट्स लगातार तेरहवें साल सबसे अमीर व्यक्ति घोषित किए गए हैं.

फ़ोर्ब्स के अनुसार उपभोक्ता और रीयल एस्टेट क्षेत्र में उछाल और शेयर बाज़ार में मज़बूती के चलते अरबपितयों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है.

पिछले दो दशक से एशिया में जापानी अरबपतियों की संख्या सबसे अधिक रही, लेकिन अब भारतीय अरबपतियों ने जापान को पीछे छोड़ दिया है. फ़ोर्ब्स के मुताबिक यदि इनकी संपत्ति पर नज़र डाली जाए तो भारतीय अरबपतियों की संपत्ति 191 अरब डॉलर है जबकि जापानी अरबपति 64 अरब डॉलर संपत्ति के मालिक हैं.

शीर्ष सौ में भारतीय

स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल, मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी,विप्रो के अध्यक्ष अज़ीम प्रेमजी उन नौ भारतीयों में शामिल हैं जिन्हें फ़ो‌र्ब्स ने दुनिया के 100 सबसे धनी व्यक्तियों की सूची में स्थान दिया है.

इसमें मित्तल स्टील के लक्ष्मी मित्तल विश्व में पांचवें स्थान पर हैं और उनकी निजी संपत्ति 32 अरब डॉलर की है.

रिलायंस उद्योग के चेयरमैन मुकेश अंबानी 20.1 अरब डॉलर और उनके छोटे भाई अनिल अंबानी 18.2 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ इस सूची में 14 वें और 18वें पायदान पर हैं.

प्रेमजी इस सूची में 21 वें स्थान पर हैं और उनकी कुल संपत्ति 17.1 अरब डॉलर है.

शीर्ष सौ अरबपतियों में शामिल अन्य भारतीय हैं- रीयल एस्टेट कंपनी डीएलफ के केपी सिंह (10 अरब डॉलर), भारती टेलीकॉम के सुनील मित्तल और उनका परिवार (साढ़े नौ अरब डॉलर), आदित्य बिड़ला समूह के कुमार मंगलम बिड़ला (आठ अरब डॉलर), एस्सार समूह के शशि और रवि रुइया (आठ अरब डॉलर).

सौ अरबपतियों में भारतीय

  • लक्ष्मी मित्तल
  • मुकेश अंबानी
  • अनिल अंबानी
  • अज़ीम प्रेमजी
  • के पी सिंह
  • सुनील मित्तल और परिवार
  • कुमार मंगलम बिड़ला
  • शशि और रवि रुइया

अरबपतियों की संख्या के मामले में भारत एशिया में अग्रणी देश के रूप में उभरा है. चीन और हांगकांग को मिलाकर 41 अरबपति हैं.

बिल गेट्स सबसे अमीर

फ़ोर्ब्स की सूची में इस बार भी सबसे अधिक अमरीकी हैं. माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन बिल गेट्स लगातार तेरहवें साल पहले स्थान पर हैं. उनकी संपत्ति 56 अरब डालर आँकी गई है.

हालांकि उनके और दूसरे पायदान पर मौजूद वारेन बफेट की संपत्ति का अंतर घटा है. शेयर बाज़ार की जानी-मानी हस्ती बफेट 52 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं.

मेक्सिको के उद्योगपति कार्लोस स्लिम साल भर में अपनी संपत्ति में 19 अरब डॉलर का इजाफ़ा करके तीसरे स्थान पर पहुँच गए हैं. उनकी कुल संपत्ति 49 अरब डॉलर है.

फ़ोर्ब्स के एडिटर-इन-चीफ स्टीव फ़ोर्ब्स ने सूची जारी करते हुए कहा, '' अरबपतियों की संख्या में वृद्धि विश्व की अर्थव्यवस्था में जारी तेज़ी दर्शाती है.यह मानव इतिहास का सबसे समृद्ध वर्ष है.''

फ़ोर्ब्स की एसोसिएट एडिटर ल्यूसा क्रोल ने कहा, ''एशिया के लिए यह अच्छा साल रहा और भारत और चीन के अरबपतियों की संख्या में ख़ासी वृद्धि देखने को मिली.''

Sunday, 25 February 2007

सबसे सेक्सी...एंजेलीना जोली, और कौन..?

अगर आपसे सवाल पूछा जाए कि इतिहास की सबसे ज़्यादा सेक्सी शख़्सियत आप किसे मानते हैं तो आपके मन में कई नाम उमड़-घुमड़ सकते हैं.

पर अगर रैंकिंग की बात करें तो यह ख़िताब मिला है हॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री एंजेलीना जोली को. सबसे सेक्सी लोगों की सूची में भारतीय अभिनेत्री ऐश्वर्या राय 56वें स्थान पर रहीं.

चैनेल-4 पर दिखाए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार ऑस्कर पुरस्कार जीत चुकी अभिनेत्री एंजेलीना जोली ने पहले नंबर के लिए अपने जोड़ीदार ब्रैड पिट और हुस्न की मलिका कही जाने वाली मर्लिन मुनरो को भी पीछे छोड़ दिया है.

आधुनिक अमरीकी पॉप के जनक माने जाने वाले गायक एल्विस प्रेसली को इस क्रम में दूसरा और एंजेलीना के जोड़ीदार ब्रैड पिट को तीसरा स्थान हासिल हुआ है.

मूनरो और पॉप गायिका बेयॉन्सी नॉलेस शीर्ष पाँच लोगों में शामिल हैं. जॉर्ज क्लूनी को सातवाँ और पॉप गायिका काइली मिनोग को आठवाँ स्थान हासिल हुआ है.

क्लूनी को इससे पहले पिछले वर्ष एक अमरीकी पत्रिका की ओर से करवाए गए सर्वेक्षण में सबसे सेक्सी व्यक्ति का ख़िताब मिल चुका है.

पाइरेट्स ऑफ़ कैरेबियन के स्टार जॉनी डेप को नौवाँ स्थान मिला है और दसवें नंबर पर हैं स्कारलेट योहान्सन. यह सर्वेक्षण एक इंटरनेट पोल के ज़रिए करवाया गया.

जोली का जलवा

शीर्ष 10 लोगों में से छठा स्थान मिला है वीडियो गेम की दुनिया के एक फ़िक्शन चरित्र लारा क्रॉफ्ट को. बड़े पर्दे पर इस चरित्र की भूमिका भी एंजेलीना जोली ने ही निभाई है.

42 वर्षीय पिट और 31 वर्षीय जोली वर्ष 2005 में फ़िल्म 'मिस्टर ऐंड मिसेज़ स्मिथ' में काम करते समय एक दूसरे के क़रीब आए थे.

इसके बाद पिट ने अपनी पत्नी जेनिफ़र एनिस्टन से तलाक़ लेने की घोषणा की थी और फिर जोली और पिट एक दूसरे के साथ हो गए.

पिछले दिनों जोली और पिट अपने गोद लिए बच्चों के साथ भारत भी आए और कभी शूटिंग तो कभी अपने अंगरक्षकों के व्यवहार को लेकर चर्चा और विवादों में रहे.

एंजेलीना जोली भारत में अपनी एक आने वाली फ़िल्म 'द माइटी हार्ट' की शूटिंग के सिलसिले में आई थीं. यह फ़िल्म अमरीकी पत्रकार डेनियल पर्ल के जीवन पर आधारित है.

जोली फ़िल्म में एक दिवंगत पत्रकार की पत्नी की भूमिका निभा रही हैं. ग़ौरतलब है कि पत्रकार डेनियल पर्ल का पाकिस्तानी शहर कराची में अपहरण हो गया था जिसके कुछ समय बाद उनकी हत्या कर दी गई थी.

Thursday, 22 February 2007

विंबलडन में महिलाओं को बराबरी का दर्जा

विंबल्डन टेनिस के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब महिला खिलाड़ियों को भी पुरुषों की पुरस्कार राशि के बराबर ईनाम दिया जाएगा.

खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों की ओर से इस बात को लेकर आलोचना की जाती रही है कि महिला खिलाड़ियों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है.

इन्हीं आलोचनाओं के बाद अब ऑल ईंग्लैंड क्लब यह घोषणा की है.

इस घोषणा के बाद अब शीर्ष विजेताओं से लेकर पहले राउंड से ही बाहर होने वाले खिलाड़ियों तक के स्तर पर महिलाओं और पुरुषों के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और उन्हें समान राशि दी जाएगी.

विंबल्डन के अलावा अन्य ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में पहले से ही पुरुष और महिला खिलाड़ियों को समान पुरस्कार राशि दी जाती है.

हालांकि फ्रेंच ओपन में केवल ख़िताब के विजेताओं को ही समान राशि दी जाती है.

वर्ष 2006 के विंबल्डन विजेता रॉजर फ़ेडरर को छह लाख 55 हज़ार पाउंड की राशि दी गई थी जबकि महिला एकल का ख़िताब जीतने वाली एमिली मोरेस्मो को छह लाख 25 हज़ार पाउंड की राशि दी गई थी.

एक सराहनीय निर्णय

ऑल ईंगलैंड क्लब के प्रमुख टिम फिलिप्स ने इसकी घोषणा करते हुए कहा, "चैंम्पियनशिप समिति ने यह तय किया है कि यह इस मुद्दे को एक तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचाने और सभी भेदभाव मिटाने का उचित समय है."

तीन बार की विंबल्डन विजेता वीनस विलियम्स ने इस निर्णय पर खुशी जताते हुए कहा, "दुनिया की महानतम टेनिस प्रतियोगिता आज और भी अधिक महानता की ऊँचाई पर पहुँच गई है."

एक अन्य भूतपूर्व चैंम्पियन मारिया शारापोवा ने कहा, "विश्व टेनिस में विंबल्डन हमेशा से कई मामलों में अग्रणी रहा है. इस निर्णय के बाद से दुनिया की महान खेल प्रतिस्पर्धाओं में से एक विंबल्डन और महिला खिलाड़ियों के बीच का रिश्ता और मजबूत ही होगा."

पिछले वर्ष प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री टेसा जोवेल ब्रिटिश टेनिस की शासकीय संस्था लॉन टेनिस एसोसिएशन में शामिल हुए थे.

इस असमानता को खत्म करने का आह्वान करने के लिए उन्होंने दुनिया भर में महिलाओं की खेल प्रतिस्पर्धा कराने वाली संस्था वीमेन्स टेनिस एसोसिएशन की भी सदस्यता ग्रहण की थी.

Wednesday, 14 February 2007

क्रिसलर नौकरियों में कटौती करेगी

विश्व की अग्रणी कार कंपनी डायमलर क्रिसलर ने कहा है कि नुक़सान में चल रही उसकी अमरीकी ईकाई में तेरह हज़ार कर्मचारियों की छँटनी की जाएगी जिनमें से नौ हज़ार अमरीका में और चार हज़ार कर्मचारियों की छँटनी कनाडा में की जाएगी.

जर्मन-अमरीकी समूह डायमलर क्रिसलर ने एक फ़ैक्ट्री बंद करने का भी फ़ैसला किया है. क्रिसलर में कुल 83 हज़ार लोग काम करते हैं.

अमरीका में डायमलर क्रिसलर कंपनी की बिक्री साल 2006 में सात फ़ीसदी गिर गई थी. कंपनी को वर्ष 2006 में 16 करोड़ बीस लाख डॉलर का नुक़सान हुआ था.

फ़ोर्ड और जनरल मोटर्स (जीएम) जैसी अन्य बड़ी अमरीकी कंपनियों की तरह क्रिसलर को भी जापानी कार कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है.

क्रिसलर ने नीवार्क में अपनी फ़ैक्ट्री बंद करने का फ़ैसला किया है. यहाँ कंपनी का क्रिसलर ऐसपेन मॉडल बनता है और क़रीब 2100 लोग काम करते हैं.

ख़र्च कम करने के लिए फ़ोर्ड और जनरल मोटर्स भी अमरीका में हज़ारों कर्मचारियों की छँटनी कर रहीं हैं.

कार कंपनी फ़ोर्ड ने साल 2006 में उत्तरी अमरीका में 25 से 30 हज़ार कर्मचारियों की छँटनी की घोषणा की थी. फ़ोर्ड को वर्ष 2006 में 12.7 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ था जो कंपनी के 103 साल के इतिहास में सबसे बड़ा नुक़सान है.

Wednesday, 7 February 2007

भारत में रिकॉर्ड विकास दर की उम्मीद

भारत सरकार ने उम्मीद जताई है कि निर्माण और सेवा क्षेत्र में बेहतरीन प्रगति की बदौलत चालू वित्त वर्ष के दौरान आर्थिक विकास दर नौ फ़ीसदी से भी ज़्यादा रहेगी.

केंद्र सरकार के आकलन के मुताबिक पिछले 18 साल के इतिहास में पहली बार विकास दर 9.2 प्रतिशत रहने की संभावना है.

यह रिज़र्व बैंक के अनुमान से भी अधिक है. रिज़र्व बैंक ने सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की विकास दर साढ़े आठ से नौ फ़ीसदी के बीच रहने की संभावना जताई थी.

केंद्र सरकार ने पिछले वित्त वर्ष के आँकड़ों में भी संशोधन किया है जिसके मुताबिक वर्ष 2005-06 के दौरान जीडपी दर नौ फ़ीसदी आँकी गई है. पहले यह आँकड़ा 8.4 प्रतिशत था.

भारत में वित्त वर्ष अप्रैल से मार्च के बीच होता है.

भारत के सबसे बड़े शेयर बाज़ार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंच का सूचकांक सेंसेक्स भी सोमवार को 14 हज़ार 570 अंकों की नई ऊँचाई को छू गया.

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के वरिष्ठ अर्थशास्त्री डीके जोशी इन आँकड़ों पर कहते हैं, "इससे पता चलता है कि इस बार विकास दर ज़्यादा स्थायी है. साथ ही निवेश दर भी काफी अधिक है और निर्यात भी बढ़ रहा है."

कृषि

केंद्रीय सांख्यिकी संगठन यानी सीएसओ के एक साल पहले के 9.1 फ़ीसदी के मुकाबले इस वर्ष मैनुफैक्चरिंग विकास दर 11.3 फ़ीसदी रहने की संभावना जताई गई है.

सेवा क्षेत्र में 11.2 प्रतिशत तेज़ी आने की उम्मीद है. भारत की जीडीपी में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है.

हालाँकि कृषि क्षेत्र में सुस्त विकास दर्ज होने की संभावना जताई गई है जबकि इसी क्षेत्र में देश के 60 फ़ीसदी लोगों को रोज़गार मिला हुआ है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस बात पर ज़ोर दे चुके हैं कि अगर भारत को आगे निकलना है तो कृषि विकास दर को बढ़ा कर चार फ़ीसदी करना होगा.

वॉलमार्ट पर लिंगभेद का बड़ा मामला

अमरीका की बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट को लिंगभेद के लिए अपनी 15 लाख महिला कर्मचारियों को अरबों डॉलर के मुआवज़े का भुगतान करना पड़ सकता है.

वॉलमार्ट में काम करने वाली सात महिलाओं ने आरोप लगाया था कि वेतन देने से लेकर पदोन्नति तक सभी मामले में उनके साथ महिला होने के कारण भेदभाव किया जाता है.

अमरीका की एक केंद्रीय अदालत ने इस पर फ़ैसला देते हुए इस मामलो को कंपनी में काम करने वाली सभी महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के रुप में देखते हुए मुक़दमा चलाने का आदेश दिया है.

यह अमरीकी इतिहास में लिंगभेद का अब तक का सबसे बड़ा मामला है. और यह मामला झेल रही है अमरीका की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी, जो देश में सबसे ज़्यादा कर्मचारियों वाली कंपनी है.

कंपनी ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि उसकी नीतियाँ भेदभाव करने वाली नहीं हैं.

वॉलमार्ट का कहना है कि वह इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में भी अपील करेगा.

मामला

लिंगभेद की शिकायत की थी वॉलमार्ट की सात महिलाओं ने. उनका आरोप था कि वेतन से लेकर पदोन्नति तक सभी मामले में उनके साथ इसलिए भेदभाव किया गया क्योंकि वे महिला थीं.

शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि वॉलमार्ट महिला कर्मचारियों को पुरुष कर्मचारियों की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत कम वेतन देता है. उन्होंने कहा था कि पदोन्नति में भी इसी तरह का भेदभाव किया जाता है.

उल्लेखनीय है कि वॉलमार्ट में दो तिहाई कर्मचारी महिलाएँ हैं.

सैनफ़्रांसिस्को की एक अदालत ने इस मामले पर फ़ैसला दिया था कि इसे एक ‘सामूहिक मामले’ की तरह देखा जा सकता है और कंपनी की सभी वर्तमान और पूर्व महिलाओं के साथ भेदभाव करने के लिए मुक़दमा चलाया जा सकता है.

इसके बाद कंपनी की 15 लाख वर्तमान और पू्र्व महिला कर्मचारियों के लिए यह रास्ता खुल गया था कि यदि वे चाहें तो इस मुक़दमे में शामिल हो सकती हैं.

न्यायाधीश मार्टिन जेनकिंस ने कहा है कि इस बात के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं कि 1998 के पहले की जो नीतियाँ थीं उसके तहत महिला कर्मचारियों के साथ भेदभाव होता था.

हालांकि इस फ़ैसले से न्यायाधीश एंड्र्यू क्लेनफ़ील्ड सहमत नहीं थे और उन्होंने कहा था कि भेदभाव सिर्फ़ पदोन्नति में दिखता है क्योंकि मैनेजरों में सिर्फ़ 15 प्रतिशत महिलाएँ हैं.

यदि वॉलमार्ट यह मुक़दमा हार जाए तो उसे वर्तमान और पूर्व महिला कर्मचारियों को अरबों डॉलर का मुआवज़ा देना पड़ सकता है.

वॉलमार्ट की अपील

इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ वॉलमार्ट ने अपील की थी.

लेकिन केंद्रीय अदालत ने निचली अदालत के 2004 के फ़ैसले को बरकरार रखते हुए इसे सामूहिक मामला ही मानकर मुक़दमा चलाने को कहा है.

वॉलमार्ट का कहना है कि अमरीका में उसके 3,400 स्टोर्स हैं और यह किसी के लिए संभव नहीं होगा कि सभी स्टोर्स में जाकर महिलाओं के साथ भेदभाव की जाँच कर सके.

कंपनी का कहना था कि इस सामूहिक मामला नहीं मानना चाहिए और जिस स्टोर में भी महिलाओं को शिकायत हो उन्हें अलग-अलग मुक़दमा दायर करना चाहिए.

महिलाओं का मुक़दमा लड़ रहे वकील ब्रैड सेलिगमैन ने कहा है कि उनके आरोपों की दो अदालतों ने पुष्टि कर दी है.

उन्होंने कहा, “वॉलमार्ट अपील करता रहे, हमें पूरा भरोसा है कि हम जीतेंगे. आख़िर दो अदालतों ने हमारे सबूतों को माना है.”

हालांकि यह पहला अवसर नहीं है जब वॉलमार्ट को अदालत में मुआवज़े के लिए लड़ना पड़ रहा है.

इससे पहले पिछले साल ही कंपनी को उन कर्मचारियों को 7 करोड़ 80 लाख डॉलर का मुआवज़ा देने के निर्देश दिए थे, जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान बिना ‘ब्रेक’ लिए काम किया था.

Tuesday, 6 February 2007

नूई बनीं अब पेप्सीको की अध्यक्ष

शीतल पेय बनाने वाली अग्रणी कंपनी पेप्सीको ने चंद महीनों के भीतर ही भारतीय मूल की इंदिरा नूई को सीईओ से अध्यक्ष बनाने का फ़ैसला किया है.

चेन्नई में जन्मी इंदिरा नूई पिछले साल अक्तूबर में ही पेप्सीको में वित्तीय सलाहकार से सीईओ बनीं थीं.

इसके बाद ओप्रा विनफ़्रे और मेग व्हाइटमैन जैसी हस्तियों को पीछे छोड़ कर इंदिरा नूई फॉर्च्यून की सशक्त महिलाओं की फेहरिस्त में चोटी पर पहुँच गई थीं.

पेप्सीको के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने कहा है कि उन्होंने अपनी सीईओ इंदिरा नूई को अध्यक्ष पद पर चुन लिया है. इंदिरा नूई इस साल मई में अपना कार्यभार संभालेंगी जब वर्तमान कार्यकारी अध्यत्र स्टीवन रीनमंड सेवानिवृत्त हो जाएँगे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस फ़ैसले के बाद इंदिरा नूई ने कहा, "बोर्ड ने जो मुझ पर जो विश्वास दिखाया है, उसने मेरा मान बढ़ाया है."

उन्होंने कहा कि स्टीवन रीनमंड और इससे पहले के अध्यक्षों के पदचिन्हों पर चलने का अवसर पाते हुए वे अपने आपको बेहद भाग्यशाली मानती हैं.

पेप्सीको के 42 वर्षों के इतिहास में इंदिरा नूई पाँचवी अध्यक्ष और सीईओ हैं.

उपलब्धि

सीएनएन टाइम वार्नर समूह की पत्रिका फॉर्च्यून ने पिछले साल जब दुनिया की 50 सबसे सशक्त महिलाओं की नौवीं सालाना सूची तैयार की है तो उसमें नूई शीर्ष पर थीं.

पेप्सीको में सीईओ की नई जिम्मेदारी संभालने के एक हफ़्ते बाद ही यह सूची आई थी.

इससे पहले भारत के बिजनेस अख़बार इकॉनॉमिक टाइम्स ने भी कारोबारी दक्षता के लिए उन्हें सम्मानित किया था.

51 साल की नूई ने 1994 में पेप्सीको कंपनी में काम करना शुरु किया था.

कंपनी के पुनर्निर्माण और नई भागीदारियों के फ़ैसलों में नूई की अहम भूमिका थी.

Thursday, 25 January 2007

कार कंपनी फ़ोर्ड को रिकॉर्ड नुक़सान

अमरीका की कार बनाने वाली कंपनी फ़ोर्ड को पिछले वर्ष 12.7 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ है. कंपनी के 103 साल के इतिहास में यह सबसे बड़ा नुक़सान है.

इतने बड़े नुक़सान की भरपाई करने के लिए कंपनी ने उत्तरी अमरीका में अपनी 16 फ़ैक्टरियों को बंद करने और 45 हज़ार नौकरियों में कटौती करने की योजना बनाई है.

पिछले साल के आख़िरी तीन महीनों में तो कंपनी को 5.8 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ. कारण था बिक्री में भारी गिरावट और कंपनी के ढाँचे में परिवर्तन का भारी ख़र्च.

अमरीका की इस कंपनी को जापान की कई कार निर्माता कंपनियों ख़ासकर टोयोटा से बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.

आकलन

आकलन ये है कि इस साल जापानी कंपनी टोयोटा अमरीकी बाज़ार में फ़ोर्ड को पीछे छोड़ देगी. फ़ोर्ड अमरीका की दूसरी बड़ी और दुनिया की तीसरी बड़ी कार बनाने वाली कंपनी है.

वर्ष 2006 से पहले फ़ोर्ड को सबसे बड़ा नुक़सान वर्ष 1992 में हुआ था, जब कंपनी को 7.39 अरब डॉलर की वार्षिक चपत लगी थी.

लेकिन अब रिकॉर्ड घाटे के बावजूद फ़ोर्ड का कहना है कि वह वर्ष 2009 तक लाभ में आ जाएगी. फ़ोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेन मुलाली ने कहा, "हम अपनी व्यापारिक ज़रूरतों को समझते हैं और इससे निपटने की कोशिश कर रहे हैं."

उन्होंने बताया कि कंपनी एक योजना के तहत काम कर रही है और जल्द ही इसका लाभ दिखेगा. एलेन मुलाली के मुताबिक़ कंपनी ने पिछले साल ही योजना पर काम करना शुरू किया है.

पिछले साल फ़ायदे के लिए फ़ोर्ड ने ट्रक, छोटे वाहन और स्पोर्ट्स गाड़ियों में ज़्यादा पैसा लगाया था लेकिन तेल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी के कारण उसे इसका लाभ नहीं मिल सका.

Friday, 5 January 2007

महिलाओं में 'शराब से डिप्रेशन अधिक'

अमरीका और कनाडा के शोधकर्ताओं ने पाया है कि ज़्यादा शराब पीने का असर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं पर अधिक होता है और उनमें डिप्रेशन का ख़तरा बढ़ जाता है.

शराब के सेवन और डिप्रेशन के इतिहास के बीच संबंध समझने के लिए इन शोधकर्ताओं ने 6009 पुरुषों और 8054 महिलाओं का अध्ययन किया.

उन्होने पाया कि जो महिलाएँ शराब का ज़्यादा सेवन करती हैं वे पुरुषों के मुकाबले क्लिनिकल डिप्रेशन का जल्दी शिकार होती हैं.

लेकिन 'अल्कोहलिज़्म: क्लिनिकल ऐंड ऐक्सपेरिमेंटल रिसर्च जर्नल' में छपी इस रिपोर्ट के अनुसार सीमित मात्रा में शराब के सेवन से दोनों में डिप्रेशन का ख़तरा बढ़ने की कोई संभावना नहीं नज़र आई.
इस अध्ययन में यह भी देखा गया कि पिछले एक हफ़्ते और एक वर्ष के दौरान महिलाओं और पुरुषों ने कितनी मात्रा में शराब का सेवन किया. साथ ही उनके शराब पीने के तरीकों को भी देखा गया.

शोधकर्ताओं ने यह भी देखा कि आमतौर पर कितनी शराब पी गई और अधिकतम कितनी शराब पी गई.

कनाडा के सेंटर फॉर एडिक्शन ऐंड मैंटल हैल्थ की ओर से किए गए इस शोध में पाया गया कि पुरुषों और महिलाओं में यह अंतर केवल डिप्रेशन के शिकार लोगों में ही सामने आया.

नॉर्थ डेकोटा स्कूल ऑफ मेडिसिन ऐंड हैल्थ सांइसेज़ विश्वविद्यालय की प्रोफ़ेसर शैरन विल्सन का कहना है कि डिप्रेशन की शिकार महिलाएँ अपने डिप्रेशन को दबाने के लिए और अधिक शराब पीने के लिए प्रोत्साहित होती हैं.

लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि यह जानने के लिए और काम करने की ज़रुरत है कि शराब पीने से डिप्रेशन बढ़ता है या डिप्रेशन होने से शराब का सेवन बढ़ जाता है. या फिर इन दोनों का संबंध किसी और कारण से है.

अमरीकी कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष

कैलिफ़ोर्निया से निर्वाचित नैन्सी पेलोसी को अमरीकी कांग्रेस का प्रमुख चुना गया है. अमरीकी इतिहास में इस पद पर आने वाली वो पहली महिला हैं.

नैन्सी को हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स के स्पीकर का पद सौंपे जाने के साथ ही अमरीका की डेमोक्रेट पार्टी ने कांग्रेस की बागडोर संभाल ली है.

नैन्सी डेमोक्रेट पार्टी की नेता हैं और अमरीका के राष्ट्रपति पद के विकल्प के तौर पर वो दूसरी सबसे बड़ी दावेदार हैं. उनसे पहले राष्ट्रपति पद के लिए उप-राष्ट्रपति की दावेदारी बनती है.

अपने नए दायित्व को संभालते हुए उन्होंने कहा कि वो अपने कार्यकाल के दौरान पारदर्शिता को बढ़ाने पर बल देंगी और साथ ही नैतिक नियमों का कड़ाई से पालन करवाएँगी.

अपने वक्तव्य में इराक़ मुद्दे का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही संपन्न हुए चुनावों में अमरीकी लोगों ने इराक़ पर अमरीका की नीति में बदलाव के लिए मतदान किया था.

उन्होंने राष्ट्रपति बुश से अपील की कि वो इराक़ में स्थिरता क़ायम करने को बढ़ावा दें और वहाँ से अमरीकी सेना को फिर से वापस बुलाने के विकल्प पर विचार करें.

नई ज़िम्मेदारी

उन्होंने कहा कि किसी महिला का अमरीकी कांग्रेस का अध्यक्ष चुना जाना अमरीका की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है.
नैन्सी ने कहा, "हम एक इतिहास रचने में सफल रहे हैं और अब हमें अमरीकी लोगों के हित के लिए आगे बढ़ना है."

पिछले वर्ष के आखिर में ही अमरीका में मध्यावधि चुनाव हुए थे जिसके बाद से देश की 110 वीं कांग्रेस की गठन के बाद से यह पहली बैठक थी.

इन चुनावों में वर्तमान राष्ट्रपति बुश की रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा था और विपक्षी पार्टी डेमोक्रेट को लाभ हुआ था.

विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसा जनादेश वर्तमान राष्ट्रपति की इराक़ नीति के विरोध में आया है.

Thursday, 4 January 2007

14 साल के माइकल ने इतिहास रचा

माइकल ने हर्टफ़ोर्डशर से 3500 मील की यात्रा पर निकले थे और बुधवार को नेल्सन्स के डॉकयार्ड पर पहुँचे.

इससे पहले का रिकॉर्ड सेव क्लोवर के नाम दर्ज था जिन्होंने वर्ष 2005 में अटालांटिक को पार किया था लेकिन उस समय उनकी उम्र 15 साल की थी.

उपप्रधानमंत्री जॉन प्रेस्कॉट ने माइकल को सफल नाविक बताया है.

माइकल छह हफ़्ते समुद्र में गुज़ारकर वापस लौटे हैं.

वापस लौटने पर जैसा उनका स्वागत हुआ उसके लिए उन्होंने कहा कि वे अभिभूत हुए.

माइकल की नौका 'चिकी मंकी' के आसपास उनके पिता की नौका घूमती रही और रेडियो संपर्क बनाए रखा.

जैसा कि माइकल की माँ कहती हैं कि वह चुनौतियाँ पसंद करता है.

चांलवर्स सेकेंड्री स्कूल के हेडटीचर स्टुअर्ट फ़िलिप ने कहा है कि माइकल को छह साल की उम्र से ही नौका चलाने का बड़ा शौक था.