Sunday, 13 May 2007

वैज्ञानिकों ने तैयार किया 'प्लास्टिक' ख़ून

ब्रिटेन में वैज्ञानिकों ने कृत्रिम प्लास्टिक ख़ून तैयार किया है, जिसे आपात स्थिति में ख़ून के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.

शेफ़ील्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अनुसंधान का सबसे ज़्यादा लाभ युद्धक्षेत्रों में हो सकता है.

उनका कहना है कि कृत्रिम ख़ून वज़न में हल्का है, इसे ठंडा रखने की ज़रूरत नहीं है और इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.

नए रक्त को प्लास्टिक कणिकाओं से तैयार किया गया है. प्लास्टिक कणिका के कोश में हीमोग्लोबिन जैसा लोहे का अणु है, जो शरीर के माध्यम से ऑक्सीजन लेता है.

कम ख़र्च

वैज्ञानिकों का कहना है कि कृत्रिम ख़ून को कम ख़र्च में तैयार किया जा सकता है और 'प्लास्टिक ख़ून' को मूलरूप में और जैविक इस्तेमाल के लिए तैयार करने के लिए उन्हें कुछ और राशि की दरकार है.

यूनिवर्सिटी के रसायन विभाग के डॉक्टर लांस ट्वाइमैन ने कहा, "इस शोध के नतीजों से हम बहुत उत्साहित हैं. यह उत्पाद लोगों की ज़िंदगी बचा सकता है."

दुनिया भर में तमाम लोग विभिन्न दुर्घटनाओं या युद्धक्षेत्र में शरीर के बाहरी हिस्सों मे लगी चोट के कारण बहुत अधिक ख़ून बहने से अपनी जान गँवा देते हैं.

प्लास्टिक ख़ून का असली ख़ून के मुक़ाबले अधिक आसानी से संचय किया जा सकता है.

इसका सीधा मतलब ये हुआ कि सशस्त्र सेनाएँ और एंबुलेंसें ख़ासी मात्रा में प्लास्टिक ख़ून अपने पास रख सकती हैं.

कृत्रिम ख़ून का एक नमूना लंदन स्थित विज्ञान संग्रहालय में प्लास्टिक के इतिहास पर 22 मई से शुरू हो रही प्रदर्शनी में रखा जाएगा.

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