अटलांटिस दो सप्ताह के मिशन पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर गया था जिसके बाद वह शुक्रवार को कैलीफ़ोर्निया में धरती पर उतरा.
अटलांटिस यान ने कैलीफ़ोर्निया के एडवर्ड वायु सैनिक अड्डे पर स्थानीय समय के अनुसार 1549 (जीएमटी-1949) पर धरती को छुआ.
ख़राब मौसम की वजह से इसके ज़मीन पर उतरने का कार्यक्रम कुछ टाला गया और बाद में इसके उतरने का स्थान ही बदलना पड़ा.
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अटलांटिस को फ्लोरिडा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र में उतरना था लेकिन फिर कैलीफ़ोर्निया में उतारा गया.
इस शटल में भारतीय मूल की वैज्ञानिक सुनीता विलियम्स भी वापस लौटी हैं जिन्होंने सबसे लंबे समय तक अंतरिक्ष में ठहरने वाली महिला होने का रिकॉर्ड बनाया है.
सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में 195 दिन बिताए हैं और उन्होंने अंतरिक्ष में चहलक़दमी करने वाली पहली महिला होने का भी रिकॉर्ड बनाया है.
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के लिए इस मिशन में कई चुनौतियां आई और पिछले क़रीब दो सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में अंतरिक्ष यात्री कंप्यूटर और यान से जुड़ी कई तकनीकी खराबियां ठीक करते रहे.
नासा के हाल के इतिहास में इस मिशन को सबसे कठिन बताया जा रहा था. अंतरिक्ष यात्रियों को मात्र 11 दिन रुकना था लेकिन तकनीकी ख़राबियों की वजह से उन्हें क़रीब एक पखवाड़ा रुकना पड़ा.
हालात यहां तक आ गए थे कि अंतरिक्ष स्टेशन के कंप्यूटरों ने काम करना बंद कर दिया था और लग रहा था कि पुराने पड़ चुके अंतरिक्ष स्टेशन को पूरी तरह छोड़ने की नौबत आने वाली है क्योंकि इन कंप्यूटरों का मुख्य कार्य अंतरिक्ष यात्रियों के जीवन से जुडा़ होता है.
इस खराबी को ठीक कर लिया गया लेकिन फिर अंतरिक्ष यान अटलांटिस में समस्याएं पैदा हो गईं. अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरने के दौरान यान का थर्मल फोम घिस गया था.इस हिस्से को ठीक करने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में चलना पड़ा जिसमें बहुत समय लगा.
नासा के अधिकारियों ने बाद में कहा कि मिशन के सारे उद्देश्य पूरे हो गए इसलिए अटलांटिस को ज़मीन पर वापस लौटने की अनुमति दे दी गई.
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